मुंबई, 13 मार्च (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा में कदम रखने से पहले हर किसी का सपना होता है, पर्दे पर मुख्य अभिनेत्री बनने और बड़े सुपरस्टार के साथ चमकने का, लेकिन जरूरी नहीं है कि जो सोचा जाए, वो मिले ही।
भाग्य कहां ले जाए, कहा नहीं जा सकता है और ऐसा ही हुआ 60 के दशक से लेकर आज तक हिंदी सिनेमा पर अपनी प्यारी मुस्कान से राज करने वाली फरीदा जलाल के साथ। राजेश खन्ना के साथ करियर शुरू किया लेकिन वो पहचान नहीं बना पाई, जो एक मुख्य अभिनेत्री को मिलती है।
14 मार्च को जन्मीं फरीदा जलाल का बचपन का सपना था कि वे अभिनेत्री ही बनें क्योंकि उनके घरवालों ने छोटी उम्र में ही उनकी शादी तय कर दी थी। रूढ़िवादी परिवार की बंदिशों को तोड़ते हुए अभिनेत्री ने कम उम्र में ही हिंदी सिनेमा में कदम रख पहचान बनाने की राह चुन ली थी, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि फरीदा और राजेश खन्ना का फिल्मी करियर एक स्टेज से शुरू हुआ था। राजेश खन्ना और फरीदा जलाल 1965 में फिल्मफेयर के ‘यूनाइटेड प्रोड्यूसर्स टैलेंट हंट’ के फाइनलिस्ट थे और दोनों को फिल्मफेयर ने चुना था। उस वक्त फरीदा और राजेश खन्ना दोनों ही नहीं जानते थे कि यह रिश्ता आगे जाकर बहुत गहरा होने वाला है।
राजेश खन्ना को ‘खत’ फिल्म मिली और फरीदा जलाल को ‘तकदीर’। दोनों ने अलग-अलग फिल्मों से अपने करियर की शुरुआत की, लेकिन डायमंड जुबली फिल्म ‘आराधना’ में राजेश खन्ना और फरीदा जलाल के रोमांस ने पर्दे पर नया आयाम गढ़ दिया था। फिल्म का गाना ‘बागों में बहार है’ आइकॉनिक गानों में शुमार है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पर्दे पर रोमांस करने वाले अरुण और रेनू सेट पर एक-दूसरे से ठीक से बात तक नहीं करते थे?
फरीदा जलाल ने खुद इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उस वक्त काका पर सफलता का नशा था और किसी नए आर्टिस्ट के साथ काम करना उन्हें गंवारा नहीं था। वह सेट पर बात करते थे और डायलॉग में गलती व रिहर्सल में फरीदा को डांटने लगते थे। खुद फरीदा ने कहा था कि राजेश खन्ना के साथ उस फिल्म में काम करना आसान नहीं था लेकिन फिल्म की रिलीज व फिल्म के हिट होने के बाद दोनों की बातचीत हुई और देखते ही देखते कड़वाहट दोस्ती में बदल गई।
आलम यह रहा कि राजेश खन्ना फरीदा जलाल को छोटी कहकर बुलाने लगे। दोनों ने साथ में 1969 में आई ‘भोला-भाला’ और ‘तलाश’ में भी काम किया। राजेश खन्ना और फरीदा का रिश्ता इतना गहरा हो गया कि वो सेट पर उन्हें परेशान करने लगीं। अभिनेता को सफेद कुर्ता-पजामा पहनने का बहुत शौक था और कुर्ते में दाग या सिलवट न पड़ जाए, ऐसे में वो किसी को अपने पास भटकने नहीं देते थे। हालांकि फरीदा जलाल उनके बालों के हेयरस्टाइल को खराब कर देती थी और अभिनेता कुछ कह नहीं पाते थे।
–आईएएनएस
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