2 अगस्त का पंचांग: संकष्टी चतुर्थी पर व्रत करने से भगवान गणेश होते हैं प्रसन्न, दूर हो जाती हैं बाधाएं

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नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।

2 अगस्त 2026 (रविवार) को श्रावण मास (सावन) के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (संकष्टी चतुर्थी) तिथि रात 11:15 बजे तक है। इसके बाद पंचमी लग जाएगी। संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं, और भक्तों के जीवन से सभी प्रकार की परेशानियों और बाधाओं को दूर करते हैं।

इस दिन सुबह 6:01 बजे सूर्योदय और शाम 7:04 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, रात 9:26 बजे चंद्रोदय और सुबह 9:58 बजे चंद्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार, 2 अगस्त 2026 को सूर्य रात 9:37 बजे तक पूर्वा भाद्रपदा में रहेगा, इसके बाद उत्तर भाद्रपदा चला जाएगा। जबकि चंद्रमा रात 9:36 बजे पूर्वाभाद्रपद रहेगा, इसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र आरंभ होगा।

रविवार को हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि इस दिन अतिगण्ड योग रहेगा। रविवार को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:07 से 12:59 तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। अमृत काल दोपहर 1:09 से 2:58 तक रहेगा।

वहीं, राहुकाल शाम 5:26 बजे से 7:04 बजे और गुलिक काल दोपहर 3:48 से शाम 5:26 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यमगंड काल दोपहर 12:33 से 2:10 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है।

रविवार को इस दिन सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा कुंभ राशि में स्थित रहेगा। दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।

–आईएएनएस

एसडी/एएस

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