22 जून का पंचांग: अभिजित मुहूर्त में सुबह 11:36 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक करें शुभ काम, पूर्व में जाने से बचें


नई दिल्ली, 21 जून (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है; यह सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित होता है।

22 जून 2026 (सोमवार) का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से काफी खास माना जा रहा है। इस दिन ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि है, जो दोपहर 3:40 बजे तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी।

इस दिन सुबह 5:46 बजे सूर्योदय और शाम 19:11 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, दोपहर 12:49 बजे चन्द्रोदय और रात 12:47 बजे चन्द्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार 22 जून 2026 को सूर्य देव का अत्यंत महत्वपूर्ण ‘नक्षत्र परिवर्तन’ हो रहा है। इसी दिन सूर्य मृगशिरा नक्षत्र से निकलकर राहु के नक्षत्र ‘आर्द्रा’ में प्रवेश करेंगे। इस दिन चंद्रमा हस्त नक्षत्र में स्थित रहेंगे।

वहीं, 22 जून 2026 (सोमवार) को हर्षण योग नहीं है। वैदिक पंचांग के अनुसार 22 जून 2026 को कोई वज्र योग नहीं है। इस दिन ‘त्रिग्रही योग’ और ‘लक्ष्मी योग’ बन रहा है।

अगर आप किसी महत्वपूर्ण कार्य की योजना बना रहे हैं तो अभिजित मुहूर्त सुबह 11:36 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक रहेगा, जिसे शुभ माना जाता है। यह दिन के मध्य का सबसे शुभ और शक्तिशाली समय माना जाता है, जिसमें किसी भी नए कार्य की शुरुआत, पूजा-पाठ या महत्वपूर्ण निर्णय लेना अत्यंत फलदायी होता है।

वहीं, राहुकाल सुबह 07:08 बजे से 08:53 बजे के बीच, गुलिक काल दोपहर 02:05 बजे से 03:49 बजे तक और यमघण्टकाल दोपहर 12:20 बजे से 02:04 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इसको अशुभ समय माना जाता है।

वहीं, इस दिन सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में विराजमान हैं। साथ ही, 22 जून 2026 (सोमवार) को पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक इन दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। अगर यात्रा करना आवश्यक भी है तो कुछ अचूक ज्योतिषीय उपायों का पालन करना चाहिए।

–आईएएनएस

एसडी/एएस


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