Tuesday, February 10, 2026

जनवरी में निफ्टी 500 में केवल कमोडिटी का रहा योगदान, सालाना रिटर्न में मिडकैप शेयर रहे सबसे आगे


नई दिल्ली, 10 फरवरी (आईएएनएस)। जनवरी महीने में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन इसके बावजूद मिडकैप शेयरों ने सालाना आधार पर सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। एक रिपोर्ट के अनुसार, निफ्टी मिडकैप 150 इंडेक्स जनवरी में 3.53 प्रतिशत गिरा, लेकिन पूरे साल के हिसाब से इसने 8.26 प्रतिशत का रिटर्न दिया और सबसे ज्यादा फायदा देने वाला इंडेक्स बना।

मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट में कहा गया है कि निफ्टी मिडकैप 150 ने पिछले तीन महीनों में 2.52 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की, जबकि पिछले छह महीनों में इसमें 0.61 प्रतिशत की मामूली बढ़त देखने को मिली।

रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी में निफ्टी 500 इंडेक्स को केवल कमोडिटी सेक्टर से ही सकारात्मक योगदान मिला। सेक्टर के हिसाब से देखें तो मेटल और डिफेंस सेक्टर में करीब 6 प्रतिशत की तेजी रही, जबकि एफएमसीजी, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में 6 से 11 प्रतिशत तक की गिरावट आई।

जनवरी में निफ्टी 50 इंडेक्स में 3.10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन एक साल में यह 7.71 प्रतिशत चढ़ा। निफ्टी 500 जनवरी में लगभग स्थिर रहा और सालाना आधार पर इसमें 6.94 प्रतिशत की तेजी आई। वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स जनवरी में नुकसान में रहे, जिनमें 3.53 से 5.52 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।

रिपोर्ट में बताया गया है कि वैल्यू फैक्टर ने शेयरों की बढ़त के मामले में बाकी सभी कारकों से बेहतर प्रदर्शन किया। जनवरी में इसमें 2.4 प्रतिशत की तेजी आई और पूरे साल में यह करीब 25 प्रतिशत ऊपर रहा। वहीं मोमेंटम, लो-वोलैटिलिटी और क्वालिटी फैक्टर जनवरी में कमजोर रहे, लेकिन सालाना आधार पर इनमें भी बढ़त दर्ज की गई।

निफ्टी स्मॉलकैप 250 और निफ्टी माइक्रोकैप 250 इंडेक्स में जनवरी के दौरान क्रमशः 5.52 प्रतिशत और 5.66 प्रतिशत की गिरावट आई।

एसेट क्लास के लिहाज से चांदी सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली परिसंपत्ति के रूप में उभरी, जिसने जनवरी में 43.34 प्रतिशत का रिटर्न दिया और सालाना आधार पर इसमें 226.50 प्रतिशत की बड़ी बढ़त दर्ज की गई। वहीं सोने ने जनवरी में 14.06 प्रतिशत और पूरे साल में 77.16 प्रतिशत का रिटर्न दिया।

जनवरी में महंगाई दर यानी सीपीआई मुद्रास्फीति कम रही, लेकिन हल्की बढ़त के साथ यह 1.33 प्रतिशत तक पहुंच गई। 10 साल की सरकारी बॉन्ड यील्ड बढ़कर 6.70 प्रतिशत हो गई, जिससे बाजार की ब्याज दरों में हल्का उछाल दिखा, जबकि नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि घरेलू आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी रहीं। कंपोजिट पीएमआई 59.5 पर रहा और जीएसटी कलेक्शन बढ़कर 1.93 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।

–आईएएनएस

डीबीपी/


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