Friday, February 13, 2026

इजराइल के सख्त रुख से गाजा शांतिवार्ता में कोई खास प्रगति नहीं


तेल अवीव, 24 मार्च (आईएएनएस)। इजराइल और हमास के बीच दोहा में चल रही मध्यस्थता वार्ता कुछ खास प्रगति नहीं कर पाई है। अमेरिका के प्रयासों के बावजूद इजराइल युद्धविराम समझौते के लिए अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है।

अमेरिका युद्धविराम तुरंत लागू करने पर जोर दे रहा है। दोनों पक्षों में बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन गुरुवार और शुक्रवार को मध्य पूर्व और इज़राइल में थे।

इजरायली रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि इजरायल अपनी शर्तों पर कायम रहेगा।

सूत्रों के मुताबिक, हमास प्रत्येक इजरायली महिला बंधक के बदले में 30 फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई चाहता है, जबकि इजरायल ने कहा कि वह एक महिला बंधक के लिए ज्यादा से ज्यादा पांच कैदियों को रिहा कर सकता है। इज़राइल इस बात पर भी अड़ा हुआ है कि वह हत्या सहित गंभीर अपराधों के लिए जेल की सज़ा काट रहे फ़िलिस्तीनियों को रिहा नहीं करेगा।

सूत्रों के अनुसार, इज़राइल ने कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी और मिस्र के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल अब्बास कामेल सहित मध्यस्थों से कहा है कि वह यह युद्ध जीतने की कगार पर है, हमास की केवल चार बटालियन बची हैं।

इज़रायल ने कहा है कि वह पहले ही हमास की मांगों पर सहमत हो चुका है और अब इजरायल की शर्तों पर बातचीत आगे बढ़ाई जानी चाहिए।

इज़राइल गाजा में और अधिक सहायता पहुंचाने के साथ-साथ 2000 विस्थापित फिलिस्तीनी परिवारों के पुनर्वास पर सहमत हुआ है।

शांति वार्ता के लिए इजरायली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया ने सीआईए प्रमुख विलियम बर्न्स को बताया कि इजरायल अपनी शर्तों पर छह सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम पर सहमत होगा।

सूत्रों के मुताबिक, इजरायल इस बात पर भी अड़ा हुआ है कि इजरायली बंधकों को दो बैच में रिहा किया जाए, जबकि हमास तीन पर जोर दे रहा है।

हमास ने कहा था कि वह पहली खेप में महिलाओं, वृद्धों, बीमार बंधकों को रिहा करेगा, दूसरी खेप में हिरासत में मौजूद सभी महिला इजरायली सैनिकों को रिहा करेगा। सूत्रों के मुताबिक, उग्रवादी संगठन ने मध्यस्थों से कहा कि तीसरी खेप में हिरासत में मौजूद सभी इजरायली पुरुष सैनिकों को रिहा कर दिया जाएगा।

हालांकि, इज़राइल चाहता है कि सभी नागरिक पुरुषों और सैनिकों को दूसरी खेप में ही रिहा कर दिया जाए।

–आईएएनएस

एसकेपी/


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