राजधानी लखनऊ को आधुनिक, स्वच्छ और सर्वसुविधायुक्त शहर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। गोमती नगर के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नगर निगम की ओर से नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 413 करोड़ रुपये की भव्य विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
विकास पर खर्च होने वाला जनता का पैसा
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास पर खर्च होने वाला पैसा जनता का है। मुख्यमंत्री या मंत्री इसे नहीं दे रहे, केवल उसका उचित नियोजन कर रहे हैं। जनता का पैसा जनहित में ही खर्च होगा। यही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन और प्रेरणा है। मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में लखनऊ नगर निगम में महापौर के तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 413 करोड़ रुपये की 342 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
साथ ही ‘स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ’ पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता का आभार जताते हुए कहा कि पहली बार सभी 17 नगर निगमों में मेयर की सीटें भाजपा की झोली में गईं। सभी नगर निगमों में भाजपा का बोर्ड बना। इसका परिणाम है कि तीन वर्ष में नगर निगम ने विकास और स्वच्छता के नए प्रतिमान स्थापित किए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के पापों के गड्ढों को भरने और भ्रष्टाचार के कूड़े को साफ करने में समय लगा। यूपी में पीक पावर सप्लाई 15-16 हजार मेगावाट
उन्होंने बताया कि 2017 तक यूपी में पीक पावर सप्लाई 15-16 हजार मेगावाट थी, आज 32-33 हजार मेगावाट पहुंच गई है। उत्पादन 6 हजार से बढ़कर 13 हजार मेगावाट हो गया है। रिन्यूएबल एनर्जी का उत्पादन करीब 10 हजार मेगावाट तक बढ़ा है। लेकिन हमारी आवश्यकता 33-35 हजार मेगावाट है। एलपीजी संकट के कारण लोग खाना पकाने में इलेक्ट्रिक हीटर भी इस्तेमाल कर रहे हैं। सीएम ने अपील की कि जितनी जरूरत हो, उतनी ही बिजली खर्च करें। अफवाह फैलाने वाले देश के हितैषी नहीं हैं।
