काठमांडू, 15 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) ने नेपाल में राजतंत्र की वापसी की मांग मैनिफेस्टो के जरिए उठाई है। अपने चुनावी घोषणापत्र में ‘पृथ्वी पथ’ को राष्ट्र निर्माण का मार्गदर्शक सिद्धांत बताया है। इसमें सेक्युलरिज्म को खारिज करने और “वैदिक सनातन धर्म पर आधारित “हिंदू राष्ट्र” बनाने की बात है।
पार्टी अध्यक्ष राजेंद्र लिंगदेन ने शनिवार को काठमांडू में पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में इस घोषणापत्र को पेश किया, जिसमें नेपाल को हिंदू राष्ट्र बनाने, राजतंत्र की बहाली, प्रांतीय संरचना को समाप्त कर दो-स्तरीय शासन (केंद्र और स्थानीय स्तर) अपनाने, चुनावी सुधार और अच्छे शासन पर जोर दिया गया है।
द हिमालयन टाइम्स के अनुसार, आरपीपी ने आगामी 5 मार्च को होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव के लिए इस घोषणापत्र को तैयार किया है, जिसमें आर्थिक परिवर्तन के छह स्तंभों वाले मॉडल को नेपाल की समृद्धि का आधार बताया गया है।
पार्टी ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, स्थानीय क्षेत्रों को स्वतंत्र बनाने और ‘पृथ्वी पथ’ (जो पृथ्वीनारायण शाह के दिव्य उपदेश से प्रेरित है) को शासन की भावी दिशा के रूप में अपनाया है।
घोषणापत्र में राजनीतिक स्थिरता, सुशासन, आर्थिक सुधार और सामाजिक न्याय के माध्यम से समृद्धि को बढ़ावा देने पर फोकस है।
इसके अलावा, पूर्व-पश्चिम महेंद्र राजमार्ग को तीन वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने और अगले 10 वर्षों को ऊर्जा उत्पादन का दशक घोषित करने का वादा किया गया है।
जीरो टॉलरेंस की नीति और अच्छे शासन के प्रस्ताव में ‘हम कुचले जाएंगे, भ्रष्ट नहीं होंगे’ का आक्रामक नारा शामिल किया गया है। भ्रष्टाचार से लड़ने के इस वादे को अमल में लाने के लिए, पार्टी ने 1990 के बाद बड़े नेताओं और कर्मचारियों की संपत्ति की जांच करने और गैर-कानूनी संपत्ति जब्त करने के लिए कानूनी व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है।
इसने जाति भेदभाव और छुआछूत समेत सभी तरह के धार्मिक भेदभाव को अपराध बनाने का प्रण भी दिखता है। पार्टी का दावा है कि उसका विजन नेपाल में सभी धार्मिक समुदायों के सम्मान की रक्षा करना है, ताकि धार्मिक समानता और आजादी पक्की हो सके।
–आईएएनएस
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