एनडीआरएफ ने एसडीआरएफ के लिए दूसरी राष्ट्रीय क्षमता निर्माण प्रतियोगिता-2026 का किया सफल आयोजन


नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। नई दिल्ली के दिल्ली पुलिस मुख्यालय के आदर्श ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बलों (एसडीआरएफ) के लिए आयोजित दूसरी राष्ट्रीय स्तर की क्षमता निर्माण प्रतियोगिता-2026 का समापन समारोह सफलतापूर्वक आयोजित किया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन थे।

इस प्रतियोगिता का उद्देश्य एसडीआरएफ टीमों की ढही हुई संरचनाओं से खोज और बचाव कार्य की तैयारी और क्षमता को मजबूत करना था। यह कौशल शहरी आपदाओं और इमारत ढहने जैसी घटनाओं में बहुत महत्वपूर्ण होता है।

इस प्रतियोगिता में 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 30 एसडीआरएफ टीमों ने भाग लिया। इसमें कई चरणों में आपदा जैसे वास्तविक हालात बनाकर खोज-बचाव अभ्यास, मेडिकल सहायता ड्रिल और संचार समन्वय जैसे अभ्यास कराए गए।

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने अपने संबोधन में कहा कि आपदा के समय अधिक से अधिक लोगों की जान बचाने के लिए बेहतर समन्वय, नियमित प्रशिक्षण और सभी एजेंसियों के सामूहिक प्रयास बहुत जरूरी हैं। उन्होंने कौशल विकास और एजेंसियों के बीच सीखने का मंच उपलब्ध कराने के लिए एनडीआरएफ की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि एनडीआरएफ की नारंगी वर्दी आपदा के समय प्रभावित लोगों के लिए राहत और भरोसे का प्रतीक बन गई है, और यही भूमिका राज्य के एसडीआरएफ भी निभा रहे हैं।

इस मौके पर एनडीआरएफ के महानिदेशक पीयूष आनंद ने कहा कि यह प्रतियोगिता प्रशिक्षण, नवाचार और अनुभव साझा करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने बताया कि 2026 को ‘क्षमता निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है, जिसके तहत एसडीआरएफ कर्मियों के लिए प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों को और बढ़ाया जाएगा।

राष्ट्रीय स्तर की ढही हुई संरचनाओं से खोज और बचाव कार्य प्रतियोगिता के परिणामों में पहला स्थान (चैंपियन टीम) हिमाचल प्रदेश एसडीआरएफ रही, जिसे एक लाख का नकद पुरस्कार दिया गया। उत्तर प्रदेश की एसडीआरएफ की टीम दूसरे स्थान पर रही, जिसमें 75 हजार रुपए नकद पुरस्कार दिया गया, जबकि आंध्र प्रदेश की एसडीआरएफ की टीम तीसरे नंबर पर रही, उसे भी 50,000 रुपए का पुरस्कार दिया गया।

इस कार्यक्रम में गृह मंत्रालय, एनडीएमए के वरिष्ठ अधिकारी, सरकारी प्रतिनिधि, आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ और विभिन्न एसडीआरएफ टीमों के सदस्य शामिल हुए। मुख्य अतिथि ने प्रतिभागियों से बातचीत भी की और देश की आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत करने में उनके समर्पण की सराहना की।

–आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी


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