एनडीए के सांसदों ने एफसीआरए संशोधन विधेयक को बताया सही, विपक्ष के आरोपों को बताया निराधार


नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर संसद में जारी विवाद के बीच सत्तारूढ़ दल भाजपा और उसके सहयोगी दलों के सांसदों ने इसे सही बताया है। उन्होंने इस विधेयक को पारदर्शिता बढ़ाने वाला और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया है।

भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि देश में विदेशी फंडिंग को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2010 के मूल कानून के बाद यह तीसरा महत्वपूर्ण संशोधन है, जिसका उद्देश्य फंडिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है। सहरावत ने स्पष्ट किया कि सरकार का मकसद किसी भी एनजीओ पर प्रतिबंध लगाना नहीं है बल्कि फंड के स्रोत और उपयोग को स्पष्ट करना है ताकि किसी प्रकार की अनियमितता न हो।

भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्षों तक अल्पसंख्यकों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब वही विपक्ष उन्हें डराने का प्रयास कर रहा है। खटाना ने कहा कि जो भी संगठन कानून के दायरे में रहकर काम करेगा, उसे पूरी स्वतंत्रता मिलेगी और सरकार सभी नागरिकों को समान दृष्टि से देखती है।

वहीं, जदयू सांसद संजय कुमार झा ने भी इस विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि यह कदम जरूरी था। उन्होंने कहा कि विदेशी चंदा कहां से आ रहा है और उसका स्रोत क्या है, यह जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि कई बार यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ जाता है। झा ने विपक्ष के विरोध को सामान्य राजनीतिक प्रतिक्रिया बताते हुए कहा कि सरकार का दायित्व है कि वह देशहित में ऐसे निर्णय ले।

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने भी इस विधेयक को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताते हुए इसका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह कानून देश की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

इसी बीच, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि को लेकर उठे सवालों पर भी दिनेश शर्मा ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि का हवाला देते हुए कहा कि भारत में इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम है, जो सरकार की नीतियों का परिणाम है।

–आईएएनएस

एसएके/पीएम


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