लखनऊ, 27 जनवरी (आईएएनएस)। हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी को लेकर चर्चा है कि वे समाजवादी पार्टी या फिर अन्य दल में शामिल हो सकते हैं। इसे लेकर कांग्रेस के पूर्व नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि मैंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है और मैं किस पार्टी में जाऊंगा या फिर अपना संगठन बनाऊंगा, इस बारे में फरवरी के पहले सप्ताह में बताऊंगा।
इस्तीफे को लेकर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि कई और भी लोग इस्तीफा देना चाहते थे। उन्होंने कहा कि वे भी मेरे साथ इस्तीफा दे देते। अगर लोगों को मुझ पर भरोसा है और सिर्फ दो-चार नहीं, बल्कि दर्जनों लोग हम सब साथ बैठे और तय किया कि हमें कांग्रेस से इस्तीफा दे देना चाहिए। आगे कहां जाना है, यह भी मिलकर तय करेंगे और हम फरवरी के पहले सप्ताह में बताएंगे कि हम कहां जा रहे हैं।
कांग्रेस के पूर्व नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री को लेकर कहा कि जो सरकार यह कह सकती है कि ‘जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे’, क्या 2014 से पहले राम नहीं थे दुनिया में? ये लोग जनता को भ्रमित करते रहे हैं। धार्मिक स्थलों से लेकर धार्मिक गुरुओं तक पहुंच गए हैं। मैं शंकराचार्य के साथ खड़ा हूं।
चार धाम मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने के बीकेटीसी के फैसले पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि मजारों में जितना मुसलमान जाता है, उससे ज्यादा हिंदू जाते हैं। कुंभ में मुसलमानों का प्रवेश रोक दिया गया। जब वहां हादसा हुआ तो मुसलमानों ने मस्जिदों के साथ अपने घर लोगों की सहायता के लिए खोल दिए। यह मानवता है। हमारे देश में गंगा-जमुनी तहजीब है। हिंदुओं और मुसलमानों को जब-जब जरूरत पड़ी तो एक-दूसरे को खून देने का काम किया। इस तरह के प्रतिबंध से गंगा-जमुनी तहजीब को बिगाड़ने की कोशिश है। हिंदू-मुस्लिम का रिश्ता टूटा तो भारत टूट जाएगा। सभी धर्म के लोगों ने मिलकर आजादी की लड़ाई लड़ी, हम भारत को टूटने नहीं देंगे।
यूजीसी के नए नियम को लेकर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि कुछ ऐसे कानून बन रहे हैं जिनका मकसद सिर्फ जनता को परेशान करना है। मैंने अभी इस बिल को नहीं देखा है। अगर यह किसी के खिलाफ है, तो ऐसा कानून नहीं बनाना चाहिए। अगर यह बनता है, तो मैं इसका विरोध करता हूं।
–आईएएनएस
डीकेएम/डीकेपी
