टीसीएस नासिक मामले पर बोले एन चंद्रशेखरन, अगर कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो कंपनी सख्त एक्शन लेगी

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नई दिल्ली, (केसरिया न्यूज़)। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने मंगलवार को कहा कि अगर कंपनी की नासिक यूनिट के यौन उत्पीड़न के मामले में कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो कंपनी उसके खिलाफ सख्त एक्शन लेगी।

टीसीएस की 31वीं एनुअल जनरल मीटिंग में बोलते हुए चंद्रशेखरन ने कहा,”यह मामला अभी कोर्ट में है, इसलिए मैं इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता है, लेकिन हमें जो शुरुआती रिपोर्ट मिली है, उससे पता चलता है कि कंपनी को किसी भी चैनल या ईमेल के जरिए कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है।”

उन्होंने आगे कहा, “हम यह पुख्ता करना चाहते हैं कि नासिक ऑफिस पर मौजूद हर व्यक्ति जांच करने वालों से बात कर सके। अगर हमें प्रोसेस में कोई कमी मिलती है, तो प्रोसेस को और मजबूत किया जाएगा। अगर किसी कर्मचारी की गलती पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। हम औपचारिक जांच पूरी होने का इंतजार करेंगे और अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।”

बीते महीने नासिक पुलिस की स्पेशनल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) इस मामले में चार्जशीट फाइल कर चुकी है। वहीं, मामले की आंतरिक जांच के लिए टीसीएस ने डेलॉयट और ट्राइलीगल को इंडिपेंडेंट एडवाइजर के तौर पर हायर किया था। यह जांच टीसीएस की प्रेसिडेंट और चीफ ऑपरेटिग ऑफिसर आरती सुब्रमण्यन की देखरेख में हो रही है।

कंपनी ने नतीजों की समीक्षा करने और आगे की कार्रवाई के लिए सुझाव देने के मकसद से एक निगरानी समिति भी बनाई है, जिसके प्रमुख इंडिपेंडेंट डायरेक्टर केकी मिस्त्री हैं।

यह मामला सबसे पहले मार्च में सामने आया, जब टीसीएस की नासिक बीपीओ यूनिट में काम करने वाली एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उसके एक सहकर्मी ने शादी का वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए थे।

जांच के दौरान, पुलिस ने 2022 से 2026 के बीच हुए मानसिक और यौन उत्पीड़न, और सीनियर मैनेजरों की ओर से कोई कार्रवाई न किए जाने से जुड़े आठ और एफआईआर दर्ज किए। कुछ शिकायतकर्ताओं ने धर्म परिवर्तन की कोशिश के आरोप भी लगाए।

–केसरिया न्यूज़

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