मुंबई, 12 मार्च (आईएएनएस)। महाराष्ट्र विधानसभा, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और बॉम्बे हाईकोर्ट समेत मुंबई में कई जगहों पर बम विस्फोट की धमकी से दहशत फैल गई। ईमेल के जरिए अलग-अलग ठिकानों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इसके बाद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।
मुंबई पुलिस के अनुसार, गुरुवार सुबह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, विधानभवन और हाईकोर्ट को धमकी भरे ईमेल मिले। इसके बाद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। संबंधित पुलिस स्टेशन पर जरूरी कानूनी कार्रवाई भी की गई। बीएसई के एक प्रवक्ता ने कहा, “हमें धमकी भरा ईमेल मिला है। सावधानी के तौर पर जरूरी इंतजाम शुरू कर दिए गए हैं और हम संबंधित सिक्योरिटी एजेंसियों के साथ कोऑर्डिनेट कर रहे हैं।”
विधानभवन को भेजे गए ईमेल में लिखा गया, “विधान भवन में बम रखा गया है।” इसके बाद, सुरक्षा के मद्देनजर पूरा विधानसभा परिसर खाली करा दिया गया। पत्रकारों और कर्मचारियों को बाहर भेज दिया गया।
बम स्क्वॉड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पूरी तरह सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। साथ ही डॉग स्क्वॉड भी बुलाया गया है ताकि किसी भी तरह की विस्फोटक सामग्री जल्दी से जल्दी मिल सके। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक कोई बम या विस्फोटक नहीं मिला है, लेकिन खोज पूरी तरह संतोषजनक न होने तक जारी रहेगी।
इसके बाद मुंबई मेट्रो और बैंकों को धमकी भरे ईमेल मिले। हालांकि, अभी तक मुंबई में किसी भी जगह से कोई संदिग्ध वस्तु मिलने की जानकारी सामने नहीं आई।
महाराष्ट्र विधान परिषद के चेयरमैन राम शिंदे ने भी बम विस्फोट की धमकियों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) को सुबह 6.57 बजे एक ईमेल भेजा गया था। उन्होंने कहा, “चूंकि बजट सत्र चल रहा है, इसलिए ईमेल में खासतौर पर बम का इस्तेमाल करके हमले की धमकी दी गई थी। धमकी में मुंबई में चार हाई-प्रोफाइल टारगेट की पहचान की गई थी, जिनमें विधानभवन, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई), बॉम्बे हाईकोर्ट और मुंबई मेट्रो शामिल हैं।”
शुरुआती रिपोर्ट में सामने आया है कि विधानसभा, मेट्रो और स्टॉक एक्सचेंज को धमकी देने वाला ईमेल खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों से जुड़ा हो सकता है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि भेजने वाले ने इन जगहों को निशाना बनाने के लिए मिसाइलों और बमों के इस्तेमाल का साफ तौर पर जिक्र किया है।
फिलहाल, मुंबई पुलिस हाई अलर्ट पर है। धमकी भरे ईमेल के बाद पुलिस की छानबीन चल रही है।
–आईएएनएस
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