मनास्लु फतह कर पर्वतारोही श्रद्धा गुप्ता ने बढ़ाया देश का मान, अब एवरेस्ट पर नजर

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नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। भारतीय पर्वतारोही श्रद्धा गुप्ता इस समय माउंट एवरेस्ट अभियान पर हैं। यह दुनिया के आठवें सबसे ऊंचे पर्वत माउंट मनास्लु (8,163 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई करने के बाद उनकी तेजी से बढ़ती पर्वतारोहण यात्रा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

श्रद्धा 26 सितंबर, 2025 को सुबह 8.06 बजे, निर्मल पुरजा की एलीट एक्सपेड टीम के साथ एलीट गाइड तेनजी शेरपा के साथ मनास्लु के शिखर पर पहुंचीं।

मनास्लु 8,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली 14 प्रसिद्ध चोटियों में से एक है, जो अत्यधिक उच्च ऊंचाई वाले ‘डेथ जोन’ में स्थित है, जहां ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम होता है और पर्वतारोहण के लिए परिस्थितियां सबसे कठिन होती हैं।

मनास्लु पर्वत पर श्रद्धा की सफल चढ़ाई दृढ़ संकल्प, अनुशासन, ट्रेकिंग और हाइकिंग से लेकर गंभीर उच्च-ऊंचाई वाले पर्वतारोहण तक की उनकी निरंतर प्रगति को दर्शाती है।

महज तीन साल के छोटे से अंतराल में, वह एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक को पूरा करने के अलावा, सात चोटियों में से तीन – माउंट किलिमंजारो, माउंट एल्ब्रस और अ‍ॅकोनकाग्वा पर चढ़ाई कर चुकी हैं।

इन तीन वर्षों में, गुप्ता ने मनोरंजन के लिए की जाने वाली पैदल यात्रा से आगे बढ़कर पृथ्वी के सबसे ऊंचे स्थानों में से एक पर खड़े होने का कारनामा कर लिया है।

उनकी सफल मनास्लु चढ़ाई ने उन्हें पहली बार 8,000 मीटर की शिखर चोटी पर पहुंचाया और उन्हें पर्वतारोहण में उभरते भारतीय नामों में से एक के रूप में स्थापित किया।

अब जब श्रद्धा दुनिया की सबसे ऊंची चोटी, माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने का प्रयास कर रही हैं, तो उनकी यात्रा महत्वाकांक्षी पर्वतारोहियों और कामकाजी पेशेवरों दोनों को प्रेरित करती रहती है, यह दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और जुनून सीमाओं को कैसे परिभाषित कर सकते हैं।

दुबई में रहने वाली श्रद्धा, डीबीएस बैंक में मध्य पूर्व के लिए कॉर्पोरेट बिजनेस का नेतृत्व करती हैं और उन्होंने महामारी के बाद यूएई में लंबी पैदल यात्रा के प्रति अपने जुनून को फिर से जगाने के बाद तीन साल पहले ही उच्च ऊंचाई पर चढ़ाई शुरू की थी।

श्रद्धा गुप्ता की उपलब्धि देर से शुरुआत करने और तेजी से आगे बढ़ने की कहानी भी है। कई पर्वतारोहियों के विपरीत, जो कम उम्र में ही प्रशिक्षण शुरू कर देते हैं, गुप्ता ने कोविड महामारी के बाद ही पर्वतारोहण शुरू किया।

–आईएएनएस

पीआईएम/एबीएम

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