पिछले चार दिनों में 1.72 करोड़ से ज्यादा घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी हुई, देश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक: केंद्र

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नई दिल्ली, (केसरिया न्यूज़)। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, मध्य पूर्व संकट के कारण सप्लाई चेन प्रभावित होने के बावजूद देश भर में रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। पिछले चार दिनों में करीब 1.69 करोड़ बुकिंग के मुकाबले 1.72 करोड़ से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की गई।

मंत्रालय ने बताया कि किसी भी रिटेल डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर गैस खत्म होने जैसी स्थिति सामने नहीं आई है।

रविवार को ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग का स्तर उद्योग स्तर पर बढ़कर लगभग 99 प्रतिशत तक पहुंच गया।

सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे जाने वाले डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी भी बढ़कर लगभग 95 प्रतिशत हो गई है।

पिछले चार दिनों में लगभग 1.90 लाख छोटे 5 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर भी बेचे गए, जिनका उपयोग मुख्य रूप से प्रवासी मजदूर करते हैं।

इसके अलावा, पिछले चार दिनों में कुल 25,204 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी की बिक्री की गई। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के कार्यकारी निदेशकों की तीन सदस्यीय समिति राज्य सरकारों और उद्योग संगठनों के साथ मिलकर राज्यों और जम्मू-कश्मीर में कमर्शियल एलपीजी बिक्री की योजना तैयार कर रही है।

मार्च 2026 से अब तक लगभग 7.37 लाख पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शनों में गैस आपूर्ति शुरू की गई है। साथ ही अतिरिक्त 2.76 लाख कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है, जिससे कुल संख्या 10.13 लाख तक पहुंच गई है।

इसके अलावा लगभग 7.76 लाख नए ग्राहकों का पंजीकरण भी किया गया है। बयान में कहा गया है कि एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए देश भर में लगातार कार्रवाई जारी है। पिछले चार दिनों में देश भर में 6,950 से अधिक छापेमारी की गई है।

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने औचक निरीक्षण तेज कर दिए हैं और कई जगहों पर जुर्माना भी लगाया है।

इसी दौरान सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के अधिकारियों ने करीब 2,800 पेट्रोल पंपों और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर अचानक निरीक्षण किया।

इसके अलावा, 428 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर जुर्माना लगाया गया है, जबकि रविवार तक 80 डिस्ट्रीब्यूटरशिप को निलंबित कर दिया गया।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के बावजूद देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से स्थानीय एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है।

नागरिकों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी नहीं करने की अपील की गई है। साथ ही अफवाहों से बचने और सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने को कहा गया है।

एलपीजी उपभोक्ताओं से डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बुकिंग करने और डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाने से बचने का अनुरोध किया गया है।

मंत्रालय ने बताया कि सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और उनके पास पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार मौजूद है।

बयान में कहा गया है कि केंद्र ने डीजल पर निर्यात शुल्क 23 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 16.50 रुपए प्रति लीटर और एटीएफ पर निर्यात शुल्क 33 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 16 रुपए प्रति लीटर कर दिया है। इसके अलावा, पेट्रोल पर निर्यात शुल्क 3 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। साथ ही, देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।

–केसरिया न्यूज़

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