नई दिल्ली, 29 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ईस्टर्न रेंज-I की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए चोरी के मोबाइल फोन खरीदने और बेचने में शामिल एक अंतर-राज्यीय रैकेट का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है। टीम ने मौके से 2 आरोपियों सहित विभिन्न प्रीमियम ब्रांडों के 83 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
यह ऑपरेशन वरिष्ठ अधिकारियों की कड़ी निगरानी में इंस्पेक्टर आशीष शर्मा, एसआई रणजीत सिंह और एचसी सौरभ के नेतृत्व वाली एक समर्पित टीम द्वारा पूरी सटीकता के साथ अंजाम दिया गया।
जानकारी के अनुसार, 27 मार्च को इंस्पेक्टर आशीष शर्मा द्वारा यमुना विहार से संचालित होने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह की गतिविधियों के बारे में जुटाई गई विशिष्ट और विश्वसनीय खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच की टीम तुरंत हरकत में आ गई। पूरी तरह से सत्यापन और ब्रीफिंग के बाद टीम दिल्ली के यमुना विहार स्थित घटनास्थल पर पहुंची। संवेदनशील स्थान और भीड़ जमा होने के जोखिम के बावजूद, अधिकारियों ने पूरी तरह से पेशेवर रवैया बनाए रखा। उन्होंने किराए के परिसर की तीसरी मंजिल पर सावधानीपूर्वक छापा मारा।
तलाशी लेने पर पुलिस ने एक सीलबंद गत्ते का डिब्बा बरामद किया, जिसमें विभिन्न प्रीमियम ब्रांडों के 83 चोरी के मोबाइल फोन थे। इनमें से कई फोन पहले ही अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में दर्ज चोरी के खास मामलों से जुड़े पाए गए हैं। सीईआईआर पोर्टल के ज़रिए आईएमईआई नंबरों की तुरंत जांच से यह साबित करने में मदद मिली कि यह पूरा माल चोरी का है।
घटनास्थल पर मौजूद दो आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया गया। बताया जा रहा है कि वे पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश भेजने के लिए खेप को पैक करने में सक्रिय रूप से जुटे हुए थे। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि वे चोरी के मोबाइल फोन दानिश से खरीदते थे और कूरियर के माध्यम से अपने जान-पहचान वालों को बांग्लादेश पार्सल कर देते थे।
आरोपियों की पहचान सावेज (उम्र 34 साल) पिता साजिद, निवासी गाजियाबाद और फरदीन, (उम्र 25 साल) पिता राजीव नगर, भलस्वा डेयरी के रूप में हुई है। आरोपी सावेज का आपराधिक इतिहास रहा है और साहिबाबाद थाने में उसके खिलाफ चार मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। उन्हें सभी जरूरी कागजात के साथ सीजेएम (पूर्वी), केकेडी कोर्ट, दिल्ली की अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
क्राइम ब्रांच की टीम इस अंतरराज्यीय गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की कड़ियों पर तेजी से काम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली पुलिस चोरी के गैजेट्स के गैर-कानूनी व्यापार को रोकने और लगातार, खुफिया जानकारी पर आधारित ऑपरेशन्स के ज़रिए जनता की संपत्ति की सुरक्षा पक्की करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
–आईएएनएस
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