मनरेगा: केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 17,744 करोड़ रुपये किए जारी

नई दिल्ली (केसरिया न्यूज़)। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महात्मा गांधी नरेगा के सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली किस्त के रूप में, मजदूरी घटक की मद में 17,744.19 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा रही है

उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इन फंड्स का समय पर और प्रभावी ढंग से इस्तेमाल सुनिश्चित करें, ताकि मजदूरी का भुगतान बिना किसी देरी के किया जा सके।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जरूरी फंड्स, सामग्री और प्रशासनिक घटकों के तहत भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महात्मा गांधी नरेगा के तहत काम जमीनी स्तर पर बिना किसी रुकावट के और लगातार चलते रहने चाहिए।

शिवराज सिंह चौहान ने इस बात पर भी जोर दिया कि मजदूरों को समय पर काम उपलब्ध कराना और मजदूरी का तुरंत भुगतान सुनिश्चित करना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। राज्यों को सलाह दी गई कि वे ग्राम पंचायत स्तर पर काम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी मजदूर को रोजगार के लिए इंतजार न करना पड़े।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रोजगार की मांग करने वाले हर मजदूर को तय समय सीमा के भीतर काम दिया जाना चाहिए, और सभी स्तरों पर मजदूरी का भुगतान बिना किसी देरी के सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि काम की जगहों के प्रभावी प्रबंधन की जरूरत पर जोर दिया और राज्यों से आग्रह किया कि वे उन योग्य ग्रामीण परिवारों को जॉब कार्ड जारी करने को प्राथमिकता दें, जिन्हें अभी तक इसके दायरे में नहीं लाया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इच्छुक परिवारों को एक तय समय सीमा के भीतर रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी योग्य परिवार आजीविका के अवसरों से वंचित न रहे।

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय एक महत्वपूर्ण बदलाव का दौर है, जिसमें महात्मा गांधी नरेगा के तहत रोजगार को बनाए रखना जरूरी है, और साथ ही वीबी-जी राम जी ऐक्ट के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सभी जरूरी तैयारियां भी पूरी करनी हैं।

वीबी-जी राम जी ऐक्ट के बारे में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के मजदूरी वाले रोजगार की कानूनी गारंटी देकर, एक दूरदर्शी और सशक्तीकरण-आधारित ग्रामीण विकास ढांचा स्थापित करना है। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इस कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन को संभव बनाने के लिए सभी प्रारंभिक कार्य एक तय समय सीमा के भीतर पूरे करें।

–केसरिया न्यूज़

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