पंचायती राज मंत्रालय 23 जून को श्रीनगर में पंचायत-आधारित सेवा प्रदायगी पर क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन करेगा

[ad_1]

202606223835437

नई दिल्ली, 22 जून (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में ‘सेवा से समृद्धि: पंचायत-आधारित सेवा प्रदायगी’ विषय पर एक क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्घाटन जम्मू और कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा करेंगे।

इस अवसर पर जम्मू और कश्मीर सरकार के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री जावेद अहमद डार, पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज, एमओपीआर की संयुक्त सचिव पलका साहनी और जम्मू और कश्मीर के ग्रामीण विकास और पंचायती राज सचिव मोहम्मद एजाज असद भी उपस्थित रहेंगे।

यह कार्यशाला इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के कॉमन सर्विसेज सेंटर स्पेशल पर्पस व्हीकल (सीएससी-एसपीवी) और जम्मू-कश्मीर सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सहयोग से आयोजित की जा रही है। यह कार्यक्रम पंचायती राज मंत्रालय द्वारा ग्रामीण भारत में सशक्त, जवाबदेह एवं उत्तरदायी पंचायती राज संस्थाओं और ग्रामीण स्थानीय निकायों के माध्यम से बेहतर सेवा प्रदायगी सुनिश्चित करने और जीवनयापन की सुगमता को सुदृढ़ बनाने के लिए चलाए जा रहे निरंतर प्रयासों की ‘सेवा से समृद्धि’ श्रृंखला का हिस्सा है।

इस कार्यशाला में सात राज्यों, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश, के पंचायत पदाधिकारियों, निर्वाचित प्रतिनिधियों और ग्राम स्तरीय उद्यमियों (वीएलई) के साथ-साथ राज्य सरकारों के अधिकारी भी शामिल होंगे।

इसके अलावा, नागरिक समाज संगठनों, शैक्षणिक व अनुसंधान संस्थानों तथा ग्रामीण प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के क्षेत्र में काम करने वाले संगठनों के प्रतिनिधि भी इसमें भाग लेंगे, जो अंतिम छोर तक शासन और सेवा प्रदायगी पर अपने विविध दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे।

कार्यशाला के अंतर्गत भाग लेने वाले राज्यों की उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों और असाधारण कार्य करने वाले कॉमन सर्विस सेंटर्स को सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा। इस दौरान डिजिटल परिवर्तन, नागरिक भागीदारी, नवाचार और जमीनी स्तर पर सार्वजनिक सेवाओं की बेहतर पहुंच के माध्यम से पंचायत-आधारित सेवा प्रदायगी को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

पैनल चर्चा, तकनीकी सत्र और राज्य-स्तरीय अनुभव साझाकरण सत्र राज्यों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान और बड़े पैमाने पर लागू किए जा सकने वाले गवर्नेंस मॉडल के प्रसार के लिए एक संरचित प्लेटफॉर्म प्रदान करेंगे।

–आईएएनएस

एससीएच/एबीएम

[ad_2]

Related Articles

Latest News