तालिन, 19 जुलाई (आईएएनएस)। भारत और एस्टोनिया के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक बड़े भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ एस्टोनिया का दौरा किया। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और कारोबारी सहयोग को नई गति देने पर विशेष जोर दिया गया।
भारत में एस्टोनिया की राजदूत मार्जे लूप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खुशी जताते हुए कहा, “मंत्री पीयूष गोयल का बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ एस्टोनिया आना बेहद महत्वपूर्ण है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि इस यात्रा और बिजनेस फोरम के परिणामस्वरूप भविष्य में दोनों देशों के बीच कई नए कारोबारी समझौते होंगे।
17 जुलाई को एस्टोनिया के विदेश मंत्रालय (एमएफए) ने एस्टोनिया-भारत बिजनेस फोरम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में भारत के लगभग 30 कारोबारी प्रतिनिधियों और एस्टोनिया के कई उद्यमियों ने भाग लिया। यह फोरम मंत्री पीयूष गोयल और भारतीय प्रतिनिधिमंडल की टालिन यात्रा के अवसर पर आयोजित किया गया।
एस्टोनिया के विदेश मामलों के मंत्री मार्गस त्साहकना भी वहां मौजूद थे। दोनों नेताओं ने कल व्यापार, निवेश, डिजिटल परिवर्तन, साइबर सुरक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भारत-एस्टोनिया सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते की सफल वार्ता के बाद नए अवसर पैदा करने पर भी विचार-विमर्श किया।
त्साहकना की उपस्थिति में भारत-एस्टोनिया व्यापार मंच को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि भारत की डिजिटल क्षमताओं और विशालता को विश्व-स्तरीय विनिर्माण के साथ मिलाकर, भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) ढांचे के समर्थन से, द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ावा दिया जा सकता है और भारत-ईयू साझेदारी को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने एस्टोनियाई व्यवसायों को भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया और पारदर्शी, स्थिर और प्रतिस्पर्धी व्यापारिक वातावरण बनाने के उद्देश्य से देश में किए जा रहे सुधारों पर प्रकाश डाला।
एस्टोनिया के विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात देश के व्यापारिक संबंधों में विविधता लाने, निवेश को बढ़ावा देने और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के लिए एक मजबूत आधार तैयार करती है। मंत्रालय के अनुसार, इसी उद्देश्य से प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर केंद्रित बिजनेस फोरम आयोजित किए जाते हैं।
विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि एस्टोनिया भारत के साथ अपने आर्थिक संबंधों को लगातार और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों देशों के बीच बढ़ता व्यापारिक सहयोग भविष्य में निवेश, नवाचार और तकनीकी साझेदारी के नए अवसर खोल सकता है।
पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। 2025 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 139.3 मिलियन यूरो और सेवाओं में 66.4 मिलियन यूरो रहा।
–आईएएनएस
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