उप्र पशु चिकित्सा संघ के अधिवेशन एवं सम्मान समारोह में शनिवार को पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि पशु चिकित्सक केवल पशुओं के उपचारकर्ता ही नहीं, बल्कि पशुधन, खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के सच्चे संरक्षक हैं।
यदि पशुधन स्वस्थ और उत्पादक रहेगा तो किसानों एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में मंंत्री ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। ऐसे में पशु चिकित्सकों, पैरावेट कर्मियों एवं विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।सभी पूर्ण निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्त ने कहा कि पशुधन संरक्षण और संवर्धन के लिए पशु चिकित्सकों की सेवाएं सदैव प्रेरणादायी रही हैं।
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम, निदेशक पशुपालन (प्रशासन एवं विकास) डॉ. मेम पाल सिंह, निदेशक (रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र) डॉ. राजेंद्र, पशु चिकित्सा संघ के अध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार आदि उपस्थित रहे।
