- 17 से होगा दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026
- 18 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगा आयोजन, नवाचार व निवेश पर होगा मंथन
- एक साथ एकत्र होंगे 10 हजार पशुपालक/दुग्ध उत्पादक
- दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026 का बुधवार को जारी किया गया आधिकारिक कर्टेन रेजर
केसरिया न्यूज़, लखनऊ, 15 अप्रैलः दुग्धशाला विकास विभाग की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने पर 17 व 18 अप्रैल को दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026 होगा। यह आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स हॉल में किया जाएगा। इसमें प्रदेश के 10 हजार पशुपालक/दुग्ध उत्पादक व निवेशक प्रतिभाग करेंगे। विभिन्न योजनाओं में उत्कृष्ट उपलब्धि अर्जित करने वाले पशुपालकों व निवेशकों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। दो दिवसीय आयोजन में नवाचार व निवेश पर भी मंथन होगा। बुधवार को दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026 का बुधवार को आधिकारिक कर्टन रेजर जारी किया गया।
नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विषय विशेषज्ञों द्वारा नवीनतम प्रौद्योगिकी समेत अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की जाएंगी। महोत्सव में स्वदेशी व्यंजनों का फूड कोर्ट भी लगाया जायेगा।
दुग्ध क्षेत्र के उद्यम को बढ़ावा देने हेतु सिंगल विंडो के माध्यम से निवेशकों के साथ एमओयू भी होगा। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री दुग्ध विकास, पशुधन एवं राजनैतिक पेंशन धर्मपाल सिंह रहेंगे। साथ ही अपर मुख्य सचिव (पशुधन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास) मुकेश कुमार मेश्राम, दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. आदि की भी मौजूदगी रहेगी।
इसमें प्रदेश के समस्त जनपदों के साथ-साथ देश-विदेश के लाखों गौ पालक/निवेशकों को ऑनलाइन जोड़ा जायेगा। विभिन्न योजनाओं में उत्कृष्ट उपलब्धि अर्जित करने वाले पशुपालकों एवं निवेशकों को सम्मानित/पुरस्कृत किया जाएगा। निजी क्षेत्र के निवेशकों द्वारा अपने स्टॉल कियोस्क के माध्यम से दुग्ध उत्पाद/नवाचार इत्यादि का प्रदर्शन किया जायेगा। साथ ही डेयरी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी, स्वदेशी नस्ल के गौ पालन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर विचार विमर्श एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ विशेषज्ञों द्वारा साझा की जायेगी।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में ‘गौ पूजन, प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन, प्रगतिशील गौ पालकों एवं निवेशकों की सफलता की कहानी की पुस्तिका का विमोचन, नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अन्तर्गत विकासखण्ड स्तरीय विजेताओं को डीबीटी के माध्यम से पुरस्कार धनराशि का वितरण, प्रगतिशील गौपालकों, अग्रणी निवेशकों एवं प्रतिभाशाली नवाचारों का सम्मान, गौशाला एवं गोबर गैस के महत्व का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। द्वितीय सत्र में श्री बाबा गोरखनाथ कृष्ण तथा बलिनी एम०पी०सी० का प्रस्तुतिकरण, दुग्ध विज्ञान क्षेत्र के प्रख्यात शिक्षाविदों, नंद बाबा दुग्ध मिशन एवं दुग्ध नीति-2022 के लाभार्थियों द्वारा प्रस्तुतिकरण किया जाएगा।
