मध्य पूर्व के संघर्ष में अब तक एक हजार से ज्यादा बच्चे बने निशाना, यूनिसेफ ने बातचीत से हल निकालने की अपील की


न्यूयॉर्क, 12 मार्च (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में ईरान की ओर से जारी हमलों के बीच संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय बाल आपातकालीन कोष/यूनाइटेड नेशन्स चिल्ड्रन्स फंड (यूनिसेफ) ने चिंताजनक खुलासे किए हैं। यूनिसेफ ने बताया कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष में 28 फरवरी से लेकर अब तक हजारों बच्चे घायल हो गए या उनकी मौत हो गई।

यूनिसेफ ने कहा, “मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के दस दिन बाद पूरे इलाके के लाखों बच्चों के लिए हालात बहुत खराब होते जा रहे हैं। 28 फरवरी से जारी हिंसा में 1100 से ज्यादा बच्चों के घायल होने या मारे जाने की खबर है। इसमें ईरान में मारे गए 200 बच्चे, लेबनान में 91, इजरायल में चार और कुवैत में मारे गए एक बच्चे शामिल हैं। जैसे-जैसे हिंसा बढ़ेगी और फैलेगी, ये संख्याएं और बढ़ सकती हैं।”

यूनिसेफ ने हमलों में बच्चों को निशाना बनाने या उनकी निर्भरता को लक्ष्य करने की कड़ी निंदा की और कहा, “पढ़ाई में बड़े पैमाने पर रुकावट की वजह से पूरे इलाके में लाखों बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, जबकि लगातार बमबारी की वजह से लाखों बच्चे बेघर हो गए हैं। सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर जिसमें हॉस्पिटल, स्कूल, पानी शामिल हैं, उन पर संघर्ष में शामिल देशों ने हमला किया है। उन्हें नुकसान पहुंचाया है या उन्हें नष्ट कर दिया है। बच्चों को मारना या जिन जरूरी सेवाओं पर बच्चे निर्भर हैं, उन्हें नष्ट करना और उनमें रुकावट डालना किसी भी तरह से सही नहीं है।”

यूनिसेफ के अनुसार हथियारों से होने वाली लड़ाई में बच्चों के खिलाफ गंभीर उल्लंघन अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन माना जा सकता है। इसमें अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून शामिल हैं। यूनिसेफ ने सेक्रेटरी-जनरल की लड़ाई में शामिल पक्षों से लड़ाई खत्म करने और कूटनीतिक बातचीत में शामिल होने की अपील को दोहराया।

यूनिसेफ ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे लड़ाई के तरीकों और साधनों को चुनते समय सभी जरूरी सावधानी बरतें ताकि आम लोगों को कम से कम नुकसान हो, जिसमें ऐसे विस्फोटक हथियारों के इस्तेमाल से बचना भी शामिल है जो बच्चों पर ज्यादा असर डालते हैं। यूनिसेफ ने कहा, “इस इलाके के सभी 20 करोड़ बच्चे दुनिया से जल्द कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।”

–आईएएनएस

केके/पीएम


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