मथुरा, 22 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के कोसीकलां थाना क्षेत्र में शनिवार को हुए विवाद में 22 नामजद और 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव, लाठी-डंडों से हमला और अवैध हथियारों से फायरिंग के मामले में मुकदमा दर्ज किया है।
मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही अन्य लोगों को गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगातार इनकी लोकेशन पता लगा रही हैं।
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि बाहरी लोगों ने माहौल खराब करने की कोशिश की थी। उन्होंने ही अफवाह फैलाने का काम किया जिनकी लगातार पहचान की जा रही है, जिससे उनको जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
एसएसपी श्लोक कुमार ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “कोसीकलां क्षेत्र में चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा ने एक वाहन को रोका था। वह वाहन नागालैंड नंबर का एक कैंटर था। उन्हें केंटर में गोवंश की आशंका थी। वह जब कैंटर को चेक करने के लिए पीछे लौटे तभी कोहरे के कारण दूसरा ट्रक आकर टकराया। इसमें फरसा वाले बाबा घायल हुए और कुछ देर बाद घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। ट्रक चालक राजस्थान के अलवर का रहने वाला था। वह भी इस घटना में घायल हुआ था। उसे पहले मथुरा जिला अस्पताल और फिर आगरा के लिए रेफर किया गया था। हालांकि, इलाज के दौरान ट्रक चालक की भी मृत्यु हो गई।”
उन्होंने बताया कि ट्रक में तार लदे हुए थे जबके कैंटर में किराने का सामान भरा था। एसएसपी ने कहा कि घटना के समय बाबा के साथ मौजूद उनके सहयोगी ने पुलिस को एक शिकायत दी, जिसके आधार पर कोसीकलां थाने में एक्सीडेंट का मुकदमा दर्ज किया गया।
मथुरा के एसएसपी ने लोगों से अपील करते हुए कहा, “कोई भी जानकारी बिना तथ्यों या पुष्टि के सोशल मीडिया पर शेयर या पोस्ट न करें। तथ्यों के आधार पर ही सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट करें।” उन्होंने लोगों ने एहतियातन सेक्टर स्कीम लागू कर दी है, जिसमें मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी लगातार भ्रमण कर रहे हैं।
–आईएएनएस
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