'वंदे मातरम' के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि पर अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि


नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। महान साहित्यकार और ‘वंदे मातरम’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि पर देशभर के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अमित शाह, शिवराज सिंह चौहान, योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने उनके साहित्य और राष्ट्रभावना को याद करते हुए ‘वंदे मातरम’ को भारतीय एकता और स्वाभिमान का प्रतीक बताया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “महान देशभक्त और राष्ट्रवादी साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। बंकिम बाबू ने मुगल आक्रांताओं और अंग्रेजी शासकों के शोषण और अन्याय से आहत भारतीय स्वाभिमान को जगाने का अविस्मरणीय कार्य किया। उन्होंने ‘वंदे मातरम’ के माध्यम से भाषा, क्षेत्र और प्रांत में बंटी आजादी की लड़ाई को एकता का स्वर दिया।”

अमित शाह ने आगे लिखा, “मां भारती के विशाल स्वरूप को देशवासियों के सामने ‘आनंद मठ’ के माध्यम से जीवंत बनाकर युवाओं को स्वाधीनता और मातृभूमि की रक्षा के लिए प्रेरित करने वाले बंकिम बाबू का यह देश, यह सभ्यता और यह महान संस्कृति अनंत काल तक ऋणी रहेगी।”

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पोस्ट में लिखा, “बंकिम जी ने अपने लेखन के माध्यम से राष्ट्रभावना को जागृत किया और भारतीयों के भीतर मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम का संचार किया। जन-जन में राष्ट्रभक्ति की स्वतंत्र चेतना जागृत कर राष्ट्रबोध के गौरव से भरने वाली बंकिम जी की रचनाएं आज भी प्रेरित करती हैं। बंकिम जी की पुण्यतिथि पर उनके चरणों में कोटिश: प्रणाम।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पोस्ट किया, “भारतीय राष्ट्रचेतना के अग्रदूत, राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के रचयिता और राष्ट्रभाव के प्रखर पुरोधा बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। उनकी लेखनी ने पराधीन भारत के मन में स्वाधीनता का स्वर जगाया। ‘वंदे मातरम’ के माध्यम से उन्होंने राष्ट्रभक्ति को शब्द नहीं, आत्मा का स्वर दिया, जो आज भी हर भारतीय के हृदय में गर्व, प्रेरणा और राष्ट्रभाव का संचार करता है। उनकी अमर रचनाधर्मिता और राष्ट्रचेतना को नमन।”

राजस्थान के मुख्यमंत्री ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को नमन करते हुए ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “उनकी कालजयी रचनाओं ने न केवल भारतीय साहित्य को समृद्ध किया, बल्कि स्वाधीनता संग्राम के दौरान करोड़ों भारतीयों के हृदय में देशभक्ति की लौ प्रज्वलित की। उनके द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ आज भी हमें मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम और समर्पण की प्रेरणा देता है।”

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को नमन किया। उन्होंने लिखा, “देश के गौरव बंकिम बाबू ने अपनी लेखनी से भारतीय जनमानस में राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान की भावना जगाई। उनके साहित्य ने देश को वैचारिक और सांस्कृतिक दिशा दी, जो आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मां भारती के अनन्य उपासक और अद्वितीय साहित्य मनीषी का व्यक्तित्व और कृतित्व युगों-युगों तक वंदनीय रहेगा।”

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को श्रद्धांजलि देते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिखा, “स्वाधीनता संग्राम के दौर में उन्होंने अपने लेखन के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना को स्वर दिया। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की ओर से रचित उपन्यास आनंदमठ केवल एक साहित्यिक कृति नहीं बल्कि भावनाओं और संघर्षों का जीवंत दस्तावेज है।”

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के रचयिता, महान कवि बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उनकी देशभक्ति से ओत-प्रोत उत्कृष्ट कृतियां हम सभी को राष्ट्र सेवा के लिए सदैव प्रेरित करती रहेंगी।”

–आईएएनएस

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