बेंगलुरु, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने मंगलवार को मंगलुरु कुकर धमाका मामले के मुख्य आरोपी मोहम्मद शरीक को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाए जाने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला आतंकवाद के खिलाफ देश के कड़े रुख को और मजबूत करता है।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं से इस घटना के बाद आरोपियों के पक्ष में बयान जारी करने के लिए माफी मांगने की भी मांग की। विजयेंद्र ने दावा किया कि कुछ नेताओं ने आरोपी को ‘भाई’ कहकर संबोधित किया था और धमाके को एक ‘हादसा’ बताया था, जिसके जरिए उन्होंने आतंकवाद के कृत्यों को सही ठहराने की कोशिश की थी।
विजयेंद्र ने मांग की कि अगर उन नेताओं की कोई नैतिक जिम्मेदारी है, तो उन्हें राज्य की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंगलुरु कुकर धमाका मामले में आया फैसला यह साबित करता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाली ताकतों के लिए इस व्यवस्था में कोई जगह नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्यकुशलता और न्यायपालिका के सख्त रवैये से जनता में विश्वास जगाना चाहिए।
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष ने कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के नेताओं पर भी तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि मामले के शुरुआती चरण में, कुछ नेताओं ने देश-विरोधी तत्वों का समर्थन करके तुष्टीकरण की राजनीति की थी। भाजपा नेता ने चेतावनी दी कि इस तरह का रवैया (जिसे उन्होंने राजनीतिक फायदे के लिए देश-विरोधी तत्वों के साथ खड़े होना बताया) आंतरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है।
अपनी पार्टी के रुख को दोहराते हुए, विजयेंद्र ने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता और आतंकवाद के कृत्यों या उनका समर्थन करने वालों के लिए कोई माफी नहीं हो सकती।
बता दें कि दिसंबर 2022 में, उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने मंगलुरु कुकर धमाके को आधिकारिक तौर पर ‘आतंकवादी कृत्य’ बताए जाने पर सवाल उठाकर एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था।
शिवकुमार ने आरोप लगाया था कि उस समय की सत्ताधारी भाजपा सरकार, एक ऑटो-रिक्शा में हुए इस कुकर धमाके का इस्तेमाल बेंगलुरु में मतदाता डेटा चोरी के घोटाले से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए कर रही थी। उन्होंने सवाल उठाया था कि पुलिस बिना पूरी जांच किए संदिग्ध को आतंकवादी कैसे घोषित कर सकती है।
–आईएएनएस
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