महिलाओं के लिए क्यों बेहद जरूरी योगासन? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट


नई दिल्ली, 8 मार्च (आईएएनएस)। महिलाएं अक्सर घर, परिवार और काम की जिम्मेदारियों में इतनी व्यस्त रहती हैं कि खुद के लिए समय नहीं निकाल पातीं। इससे धीरे-धीरे थकान, तनाव और कई स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ने लगती हैं। उम्र के अलग-अलग चरणों में महिलाओं के सामने चुनौतियां आती हैं। जैसे किशोरावस्था में पीरियड्स की तकलीफें, गर्भावस्था में वजन बढ़ना और तनाव, फिर मेनोपॉज और बुढ़ापे से जुड़ी समस्याएं। इन सभी में योग बेहद फायदेमंद साबित होता है।

मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा महिलाओं को अपनी सेहत का खास ख्याल रखने की सलाह देता है। इंस्टीट्यूट के अनुसार, योग सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि अंदर से बाहर तक सुधारने की प्रक्रिया है। यह पहले आंतरिक अंगों और ग्रंथियों को सक्रिय करता है, खून को साफ करता है, उसका प्रवाह बढ़ाता है और शरीर को मजबूत बनाता है। इसका असर चेहरे की चमक, त्वचा की सेहत और शरीर की ऊर्जा भी बढ़ाने में कारगर है।

योगासन से महिलाएं प्राकृतिक तरीके से स्वस्थ, सुंदर और तरोताजा रह सकती हैं। महिलाओं के लिए कई फायदेमंद योगासन और प्राणायाम हैं, जो शरीर को लचीला, मजबूत और संतुलित बनाते हैं। महिलाओं के लिए खासतौर पर भद्रासन, जो पीरियड्स संबंधी समस्याओं में राहत, पेल्विक क्षेत्र को मजबूत करता है। वज्रासन यह पाचन सुधारता है, गर्भाशय को स्वस्थ रखता है। भुजंगासन जो पीठ मजबूत करता है, पीरियड्स के दर्द कम करता है। सेतुबंधासन या ब्रिज पोज, पेल्विक फ्लोर मजबूत करता है, गर्भावस्था और पोस्ट-प्रेग्नेंसी में फायदेमंद है।

वहीं, शशांकासन तनाव कम करता है, रिलैक्सेशन देता है। सुप्त बद्ध कोणासन मेनोपॉज में रिलैक्सेशन और हार्मोन बैलेंस के लिए अच्छा है। इसके अलावा, ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन सामान्य संतुलन और पोस्चर सुधारने के लिए बेहतर हैं।

आसन के साथ प्राणायाम भी कारगर हैं; यह मन को शांत कर हार्मोन बैलेंस करता है। अनुलोम-विलोम तनाव कम कर ऑक्सीजन बढ़ाता है। भ्रामरी प्राणायाम मन को शांत करता है, नींद सुधारता है और मेनोपॉज के लक्षणों में राहत देता है। कपालभाति पेट की मांसपेशियां मजबूत करता है और शरीर को डिटॉक्स करता है।

महिलाएं रोजाना 30-45 मिनट योग करें। शुरुआत में योग विशेषज्ञ की देखरेख में सीखें, खासकर गर्भावस्था या किसी स्वास्थ्य समस्या में डॉक्टर से सलाह लें।

–आईएएनएस

एमटी/डीएससी


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