मुंबई, 1 मई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णुदेव वर्मा ने शुक्रवार को पहली बार राज्य के स्थापना दिवस के मौके पर डिजिटल जनगणना की शुरुआत की।
यह जनगणना ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ के तहत की जाएगी। इस प्रक्रिया में लोगों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी खुद ही देनी होती है। आमतौर पर जनगणना के तहत सरकार का कोई व्यक्ति लोगों के घरों में पहुंचकर उनसे जानकारी जुटाता था। हालांकि, अब डिजिटल युग में सरकार की तरफ इस पूरी प्रक्रिया में बदलाव कर दिया गया। अब ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ के तहत लोगों को खुद ही अपनी सारी जानकारी देनी होगी।
राज्यपाल ने लोक भवन में इस प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए खुशी जाहिर की और लोगों से अपील की कि वो इसमें बढ़चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए खुशी की बात है कि महाराष्ट्र राज्य के स्थापना के दिवस के मौके पर डिजिटल जनगणना की शुरुआत होने जा रही है।
उन्होंने कहा कि निसंदेह इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि जनगणना से ही आगामी दिनों में प्रदेश के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। इस खास मौके पर राज्यपाल ने ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ का भी नारा दिया और लोगों से इस प्रक्रिया में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने का अनुरोध किया। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी दिनों में धरातल पर इससे स्थिति सकारात्मक होती हुई दिखेगी। ऐसी स्थिति में हमें इस प्रक्रिया को सफल बनाने की दिशा में कदम बढ़ाना होगा।
इस खास मौके पर राज्यपाल की पत्नी सुधा देव वर्मा, अतिरिक्त नगर आयुक्त (पश्चिमी उपनगर) डॉ. विपिन शर्मा, महाराष्ट्र की मुख्य जनगणना अधिकारी डॉ. निरुपमा जे. डांगे, राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवारे, उप रजिस्ट्रार जनरल ए. एन. राजीव और उप रजिस्ट्रार जनरल यशवंत पाटिल मौजूद थे।
बता दें कि भारत में डिजिटल जनगणना की पूरी रूपरेखा काफी पहले ही निर्धारित की जा चुकी है, जिसे अब धरातल पर उतारे जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह विश्वास जताया जा रहा है कि डिजिटल जनगणना से अपेक्षित नतीजे मिलेंगे।
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