Tuesday, February 17, 2026

मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में कांग्रेस ने बोतल में दूषित पानी को लेकर किया प्रदर्शन


भोपाल, 17 फरवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के विरोध में कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा परिसर में गंदे पानी से भरी बोतल लेकर प्रदर्शन किया और नगरीय प्रशासन मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

राज्य विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के मुद्दे को लेकर महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष हाथों में गंदे पानी से भरी बोतलें और नारे लिखी तख्तियां लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया।

इस दौरान विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग उठाई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो गई, जो अत्यंत दुखद और चिंताजनक है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस गंभीर मामले में अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है। उन्होंने मांग की है कि जिम्मेदार मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रदेश के नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में जनता को दूषित व मलयुक्त पानी मिलना बेहद गंभीर चिंता का विषय है। राज्यपाल के अभिभाषण में स्वच्छ पानी के दावे किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। हमने इस मुद्दे पर जनता की आवाज उठाते हुए प्रस्ताव रखा है कि सरकार बताए कि क्या इस पर गंभीर चर्चा होगी या नहीं। हर नागरिक तक स्वच्छ पेयजल पहुंचना जरूरी है, क्योंकि हर व्यक्ति महंगा पानी खरीदने में सक्षम नहीं। स्वच्छ पानी जनता का बुनियादी अधिकार है।

उमंग सिंघार ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बावजूद सरकार इस मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा से बच रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। कांग्रेस पार्टी स्पष्ट करना चाहती है कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह संघर्ष जारी रखेगी।

राज्य के पूर्व कृषि मंत्री और कांग्रेस नेता सचिन यादव ने कहा कि इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन अब तक नगरीय प्रशासन मंत्री का इस्तीफा नहीं हुआ है।

–आईएएनएस

एसएनपी/एसके


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