लखनऊ, 13 जुलाई (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राजधानी लखनऊ में यातायात जाम की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए शहीद पथ पर करीब 23 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है।
उन्होंने बताया कि इस कॉरिडोर के ऊपर मेट्रो चलाने के प्रस्ताव को भी सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है, जबकि किसान पथ पर सर्विस रोड और लखनऊ-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग को छह लेन करने की मांग भी स्वीकार कर ली गई है।
उन्नाव में 4,850 करोड़ रुपये से अधिक लागत की तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्होंने कार्यक्रम की परंपरा बदलकर सबसे पहले इसलिए संबोधन किया ताकि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सामने लखनऊ के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव रख सकें।
उन्होंने कहा कि लखनऊ की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक जाम है। विशेष रूप से शहीद पथ पर बढ़ते यातायात के कारण एयरपोर्ट आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए उन्होंने शहीद पथ पर एयरपोर्ट से आउटर रिंग रोड तक लगभग 23 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण का अनुरोध किया, जिसे नितिन गडकरी ने तत्काल मंजूरी दे दी।
राजनाथ सिंह ने कहा कि जब अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे और वह स्वयं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री थे, तभी शहीद पथ की आधारशिला रखी गई थी। आज यह मार्ग लखनऊ की जीवनरेखा बन चुका है। उन्होंने कहा कि यदि शहीद पथ का निर्माण नहीं हुआ होता तो राजधानी में यातायात की स्थिति कहीं अधिक गंभीर होती।
रक्षा मंत्री ने कहा कि उन्होंने एलिवेटेड कॉरिडोर के ऊपर मेट्रो रेल चलाने का भी प्रस्ताव रखा, जिसे भी स्वीकृति मिल गई है। उनका कहना था कि एलिवेटेड मार्ग बनने से लंबी दूरी का यातायात ऊपर से संचालित होगा, जबकि स्थानीय यातायात नीचे शहीद पथ पर चलेगा, जिससे जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी।
उन्होंने बताया कि लखनऊ के विकास को ध्यान में रखते हुए किसान पथ पर सर्विस रोड के निर्माण और लखनऊ-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग को छह लेन किए जाने की मांग भी केंद्रीय मंत्री ने स्वीकार कर ली है। राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की मांग भी लंबे समय से की जा रही थी और नितिन गडकरी ने उसे भी प्राथमिकता देते हुए पूरा किया।
उन्होंने गडकरी की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वह विकास परियोजनाओं को स्वीकृति देने में अनावश्यक विलंब नहीं करते। रक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और विकास की रफ्तार तेज हुई है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास की पहली शर्त बेहतर कानून-व्यवस्था होती है और आज उत्तर प्रदेश की इसी कारण पूरे देश में चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि लखनऊ अब केवल प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि रक्षा और औद्योगिक क्षेत्र का भी प्रमुख केंद्र बन रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण परियोजना इसकी पहचान बन चुकी है और आने वाले महीनों में इससे भी बड़े उद्योग राजधानी में स्थापित होने जा रहे हैं, जिससे रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।
–आईएएनएस
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