Friday, January 30, 2026

'जिंदगी साफ-सुथरी नहीं होती, सब गड़बड़ है,' जीनत अमान ने बताया हम किस भ्रम में जी रहे


मुंबई, 29 जनवरी (आईएएनएस)। अभिनेत्री जीनत अमान सोशल मीडिया पर एक से बढ़कर एक पोस्ट कर फैंस के साथ जुड़ी रहती हैं। लेटेस्ट पोस्ट में वह जीवन की सच्चाई और दिखावे के बीच के फर्क पर गहराई से बात करती नजर आईं। उन्होंने यह भी बताया कि हम सब एक तरह के भ्रम में जी रहे हैं।

जीनत अमान ने इंस्टाग्राम पर किए पोस्ट में लिखा कि हम सब एक तरह के भ्रम में रहते हैं कि जिंदगी साफ-सुथरी होती है, लेकिन सच यह है कि कोई भी जीवन पूरी तरह व्यवस्थित नहीं होता।

उन्होंने कहा, “हम जिंदगी की सच्चाई के बारे में खुद को धोखा देते हैं। सच तो यह है कि कोई भी जिंदगी साफ-सुथरी नहीं होती। जिन्हें हम देखते हैं और जिनके बारे में हम पढ़ते हैं उनमें यह सिर्फ इसलिए दिखती है क्योंकि हम उनके बारे में बहुत कम जानते हैं। दरवाजे पर दिखने वाले चेहरे के पीछे का छिपा हुआ फैलाव हमेशा बहुत बड़ा होता है। हर जिंदगी अपने अनदेखे शैतानों से घिरी होती है, जिनमें लालच, जलन, धोखा, वासना, हिंसा शामिल है।”

जीनत अमान ने न सिर्फ अपनी जिंदगी की झलक दिखाई, बल्कि जीवन की सच्चाई को भी बेबाकी से व्यक्त किया। उन्होंने आगे बताया कि वास्तव में जिंदगी एक गड़बड़ होती है। जीनत हाल ही में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल हुईं, जहां किताबों और शाम की रोशनी ने उन्हें जीवन की उलझनों पर सोचने के लिए मजबूर किया। उन्होंने लिखा, “हम सब दुनिया के सामने खुद को कितनी सावधानी से पैक करते हैं, लेकिन हमारी असली सच्चाई कितनी उलझी हुई होती है। इसी वजह से गॉसिप लोगों को आकर्षित करती है, क्योंकि यह दिखावे के पीछे की कमियों को उजागर करती है।”

वहीं, साहित्य उन्हें दूसरों की जिंदगी को सहानुभूति और गहराई से जीने का मौका देता है। पोस्ट में जीनत अमान ने अपने वीकेंड की कुछ झलकियां भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि प्लेट में गरमा-गरम वेजिटेरियन बिरयानी, पैरों में पाउडर ब्लू बिर्केनस्टॉक्स, जो उनका फेवरेट फुटवियर है। उन्होंने एक टैटू का भी जिक्र किया, लेकिन उसकी कहानी बाद के लिए रखी। नाइटस्टैंड पर चाय का कलेक्शन, बुकशेल्फ पर फिक्शन और नॉन-फिक्शन किताबें, जिनमें तरुण जे. तेजपाल का ‘द अल्केमी ऑफ डिजायर’ शामिल है, जो उनकी फेवरेट किताबों में से एक है।

पोस्ट के अंत में जीनत अमान ने लिखा, “वीकेंड का आनंद लें दोस्तों। इस बात से सुकून पाएं कि जिंदगी की सफाई एक मिथक है और समय सबसे अच्छा तब बीतता है जब हम अपनी गड़बड़ को गंदा बनाने के बजाय मजेदार बनाते हैं।”

इसके साथ ही उन्होंने कमेंट्स में अपनी पसंदीदा किताबें और लेखकों को शेयर करने की अपील भी की, ताकि एक शानदार रीडिंग लिस्ट बनाई जा सके।

–आईएएनएस

एमटी/डीकेपी


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