ओडिशा में जमीन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया होगी हाईटेक, बिचौलियों पर लगाम लगाने के लिए एआई आधारित स्मार्ट निगरानी प्रणाली होगी लागू


भुवनेश्वर, 2 जून (आईएएनएस)। ओडिशा सरकार अब जमीन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के सभी रजिस्ट्रेशन कार्यालयों में जल्द ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम और अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य बिचौलियों की गतिविधियों पर रोक लगाना और आम लोगों को पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने मंगलवार को लोक सेवा भवन में महानिरीक्षक पंजीकरण (आईजीआर) के अंतर्गत प्रस्तावित स्मार्ट निगरानी प्रणाली की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में इस निगरानी नेटवर्क के क्रियान्वयन, संचालन और रखरखाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि रजिस्ट्रेशन कार्यालयों में भ्रष्टाचार की संभावना मुख्य रूप से उन बिचौलियों की वजह से बढ़ती है, जो बिना किसी आधिकारिक काम के नियमित रूप से इन कार्यालयों में आते-जाते हैं। ऐसे लोगों की पहचान करने और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम लागू किया जाएगा। एआई तकनीक की मदद से इन बिचौलियों की पहचान और ट्रैकिंग अधिक प्रभावी ढंग से की जाएगी। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई और दंड भी सुनिश्चित किया जाएगा।

सुरेश पुजारी ने स्पष्ट किया कि भूमि लेन-देन और पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी तरह बिचौलिया मुक्त बनाया जाएगा और भ्रष्टाचार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त राजस्व प्रशासन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मंत्री ने बताया कि भविष्य में इस स्मार्ट निगरानी प्रणाली का विस्तार तहसील कार्यालयों और राजस्व निरीक्षक (आरआई) कार्यालयों तक भी किया जाएगा। यह प्रणाली अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्य समय और फील्ड विजिट की भी निगरानी करेगी। इसकी नियमित समीक्षा राज्य मुख्यालय स्तर पर मंत्री और विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की देखरेख में होगी।

इसके अलावा अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। स्मार्ट कंट्रोल रूम की क्षमता बढ़ाई जाएगी और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर राजस्व प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाया जाएगा।

–आईएएनएस

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