किंग चार्ल्स तृतीय ने अमेरिका और ब्रिटेन के बीच नए सिरे से गठबंधन का किया आग्रह


वाशिंगटन, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय ने अमेरिका और ब्रिटेन के बीच की दोस्ती को और मज़बूत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में जो अशांति और झगड़े चल रहे हैं, उन्हें देखते हुए दोनों देशों का मिलकर काम करना बहुत जरूरी है।

कांग्रेस की जॉइंट मीटिंग में बोलते हुए, चार्ल्स ने कहा कि यूरोप से लेकर मिडिल ईस्ट तक संघर्ष के समय दोनों देश बहुत अनिश्चितता के समय का सामना कर रहे हैं, जिसके नतीजे दोनों समाजों पर महसूस किए जा रहे हैं।

उन्होंने कैपिटल के पास हाल ही में हुई एक हिंसक घटना का भी जिक्र किया और कहा कि हिंसा के ऐसे काम कभी कामयाब नहीं होंगे। उन्होंने लोकतंत्र को बनाए रखने और हमारे सभी लोगों को नुकसान से बचाने के साझा वादे को दोहराया।

चार्ल्स ने अमेरिका-ब्रिटेन के संबंध को साझा लोकतांत्रिक परंपराओं में निहित बताया, भले ही यह शुरुआती असहमतियों से उभरा हो। उन्होंने कहा, “असल में हमारे देश स्वाभाविक रूप से एक जैसी सोच रखते हैं।”

किंग चार्ल्स तृतीय ने अमेरिका और ब्रिटेन के संबंध को विवाद से पैदा हुई साझेदारी, लेकिन मजबूत बताया। उन्होंने इन संबंधों को मैग्ना कार्टा और इंग्लिश कॉमन लॉ समेत आम कानूनी और राजनीतिक बुनियाद से जोड़ा, जिसने चेक्स एंड बैलेंस जैसे अमेरिकी संवैधानिक सिद्धांतों को बनाने में मदद की।

किंग ने मौजूदा ग्लोबल माहौल में मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, “हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, वे इतनी बड़ी हैं कि कोई एक देश अकेले उनका सामना नहीं कर सकता। दोनों देशों से पिछली कामयाबियों पर भरोसा करने के बजाय अपने गठबंधन को और मजबूत करने की अपील की।”

डिफेंस को लेकर चार्ल्स ने कहा कि ब्रिटेन शीत युद्ध के बाद से रक्षा खर्च में सबसे बड़ी लगातार बढ़ोतरी कर रहा है। उन्होंने बढ़ते सुरक्षा खतरों का जिक्र किया और दोनों देशों के बीच गहरे मिलिट्री और इंटेलिजेंस सहयोग की ओर इशारा किया।

उन्होंने कहा, “हमारे रक्षा, खुफिया और सुरक्षा संबंध आपस में जुड़े हुए हैं।” चार्ल्स ने यूक्रेन को लगातार समर्थन देने की सराहना करते हुए कहा कि सच में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए इसकी जरूरत है। उन्होंने कलेक्टिव सिक्योरिटी में नाटो की भूमिका के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने आर्थिक संबंधों पर जोर देते हुए वार्षिक 430 बिलियन डॉलर के व्यापार और आपसी निवेश में 1.7 ट्रिलियन डॉलर का जिक्र किया और कहा कि दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और न्यूक्लियर फ्यूजन जैसे उभरते क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। हमारे देश आने वाले कल की टेक्नोलॉजी में टैलेंट और रिसोर्स को मिला रहे हैं।

ब्रिटेन किंग ने पर्यावरण के खतरों के बारे में भी चेतावनी दी और कहा कि अगर जरूरी प्राकृतिक सिस्टम के खत्म होने को नजरअंदाज किया गया तो यह लंबे समय की खुशहाली और सुरक्षा के लिए खतरा है।

उन्होंने दोनों देशों से अंदर की सोचने वाली नीतियों का विरोध करने और अपने गठबंधन को मजबूत करने की अपील करते हुए आखिर में कहा, “आइए हम दोनों देश एक-दूसरे के लिए खुद को फिर से समर्पित करें।”

अमेरिका अपनी आजादी की घोषणा की 250वीं सालगिरह मना रहा है। ऐसे मौके पर चार्ल्स ने कहा कि यह एक मील का पत्थर है जो ऐतिहासिक मतभेदों और एक स्थायी साझेदारी दोनों को दिखाता है।

वहीं, उपहारों के आदान-प्रदान के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र वह ऐतिहासिक दस्तावेज रहा, जो दोनों देशों के संबंधों की नींव को 18वीं शताब्दी के एक महत्वपूर्ण कालखंड से जोड़ता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने किंग चार्ल्स तृतीय को 2 जून, 1785 के उस पत्र की कस्टम कॉपी भेंट की, जिसे जॉन एडम्स ने जॉन जे को लिखा था। इस पत्र में एडम्स ने अमेरिकी क्रांति के पश्चात किंग जॉर्ज तृतीय के साथ हुई अपनी मीटिंग का विवरण दिया था।

लेटर में एडम्स ने बताया कि ब्रिटेन के राजा, जो अलगाव के लिए सबसे अंत में तैयार हुए थे, अब संबंधों को फिर से सुधारने की इच्छा जता रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि वे अमेरिकी मित्रता को स्वीकार करने वाले पहले व्यक्ति बनना चाहते हैं। यह तोहफा इस बात का प्रतीक था कि युद्ध में विरोधी रहे पक्ष अब कूटनीति के जरिए साझेदार बनने की ओर बढ़ रहे हैं और यही भाव पूरे दिन के कार्यक्रमों में दिखाई देता रहा।

–आईएएनएस

केके/एएस


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