रायपुर, 25 मार्च (आईएएनएस)। ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (केआईटीजी) को आदिवासी खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन मंच बताया है। उनका मानना है कि अलग-अलग राज्यों के खिलाड़ियों के एक मंच पर आने से उन्हें काफी कुछ सीखने को मिलेगा।
भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने ‘आईएएनएस’ से कहा, “पहली बार खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन हो रहा है। इससे मुझे बहुत खुशी है। आदिवासी समुदाय से आने वाले खिलाड़ियों के लिए यह बेहतरीन मंच होगा। मैं खुद भी एक खिलाड़ी हूं। मुझे पता है कि हम काफी मशक्कत के बाद यहां तक पहुंचते हैं। ये खिलाड़ी भी मशक्कत के बाद इस मंच तक पहुंचे हैं। इससे उन्हें काफी प्रेरणा मिलेगी।”
उन्होंने कहा, “इंडिया ट्राइबल गेम्स में आदिवासी खिलाड़ियों को मौका मिलेगा, जो अलग-अलग खेल और राज्यों से होंगे। हमें कॉमनवेल्थ गेम्स में दूसरे खिलाड़ियों से सीखने को मिलता है। इंडिया ट्रायबल गेम्स में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को भी कुछ इसी तरह सीखने को मिलेगा।”
चानू ने कहा, “जो भी इंडिया ट्रायबल गेम्स हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों के लिए मेरा संदेश ये है कि आप भी जो इवेंट में हिस्सा लें, उसे दिल से खेलें। आपको अपने खेल से प्यार करना जरूरी है। मैं युवा खिलाड़ियों को यही कहना चाहूंगी कि वे मेहनत करें और अपने हुनर को दिखाएं।”
साईखोम मीराबाई चानू ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में महिलाओं के 49 किलोग्राम भारवर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा था। वह ओलंपिक में सिल्वर जीतने वाली पहली भारतीय महिला थीं। उन्होंने अपनी तैयारियों को लेकर कहा, “मेरी तैयारियां काफी अच्छी चल रही हैं। फिलहाल मेरा फोकस कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स पर है। मैंने अब तक एशियन गेम्स में मेडल नहीं जीता है। मैं उसके लिए ज्यादा फोकस कर रही हूं। आगामी ओलंपिक के लिए भी मेरी तैयारी जारी है।”
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन 25 मार्च से 3 अप्रैल तक होगा, जिसमें 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश 9 खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। इन खेलों में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, भारोत्तोलन और कुश्ती में पदक दिए जाएंगे। प्रदर्शनी खेलों में मल्लखंभ और कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल शामिल होंगे।
–आईएएनएस
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