Tuesday, February 24, 2026

कर्नाटक : पुलिस ने सामूहिक बलात्कार के आरोप में दो लोगों को किया गिरफ्तार (लीड-1)


बेंगलुरु, 11 जनवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक के हावेरी जिले के हंगल शहर में एक महिला ने गुरुवार को एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उसने दावा किया कि जिले में निगरानीकर्ताओं ने उसके साथ बार-बार सामूहिक बलात्कार किया। अब अधिकारी ने बताया कि इस मामले के संबंध में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान अक्की अलुरु के निवासी अल्ताफ और मर्दान साब के रूप में की गई है।

पुलिस ने अन्य आरोपियों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने के लिए तलाश शुरू कर दी है।

दरअसल, 8 जनवरी को हंगल कस्बे में गृहिणी को दूसरे धर्म के व्यक्ति के साथ देखे जाने के बाद एक होटल से खींचकर बाहर निकाला गया और पीटा गया।

अल्पसंख्यक समुदाय से ताल्लुक रखने वाली पीड़िता ने कहा कि जब वह होटल में थी, तब पांच से छह लोगों का एक गिरोह अंदर घुस आया। उससे पूछताछ की और उसे जबरन अपनी बाइक पर ले गए।

वे उसे एक सुनसान जगह पर ले गए, जहां उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और बाद में सभी ने उसका बलात्कार किया। बाद में उन्होंने उसे कार में बैठने के लिए कहा और ड्राइवर ने भी उसके साथ बलात्कार किया।

उसकी मुसीबत यहीं ख़त्म नहीं हुई। उसे दो-तीन जगहों पर ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। बाद में आरोपी उसे एक नेशनल हाईवे पर ले गए और वह एक बस में चढ़ गई। पीड़िता ने वीडियो में पुलिस से अपील करते हुए मांग की कि मैं चाहती हूं कि उन्हें कड़ी सजा दी जाए।

इसी बीच, पूर्व सीएम बसवराज बोम्मई ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया से मामले और उभरते घटनाक्रम पर अपना रुख स्पष्ट करने का आग्रह किया है। बोम्मई ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमेशा नैतिक पुलिसिंग की बात करने वाले सीएम सिद्दारमैया चुप्पी साधे हुए हैं।

आरोप है कि अल्पसंख्यक समुदाय की एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। पुलिस को मेडिकल परीक्षण कराना चाहिए और मामले को सभी पहलुओं से देखना चाहिए। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

बोम्मई ने आगे कहा कि यह तब हुआ जब अलग-अलग धर्मों के दो व्यक्ति एक कमरे में एक साथ थे। बोम्मई ने कहा, ”सामूहिक दुष्कर्म के आरोप सामने आने के बाद से मैंने हावेरी के एसपी से बात की है। मैंने पीड़िता का तुरंत मेडिकल परीक्षण कराने की जरूरत पर जोर दिया है।”

भाजपा नेता ने यह भी कहा, “सीएम सिद्दारमैया ने दावा किया कि अगर मोरल पुलिसिंग में संलिप्तता पाई गई तो बख्शेंगे नहीं। अब, अल्पसंख्यक समुदाय की महिला इसकी शिकार बनी है और राज्य सरकार सुरक्षा करने में विफल रही है।”

–आईएएनएस

एफजेड/एबीएम


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