जालंधर, 16 मई (आईएएनएस)। जनगणना की ड्यूटी को मंजूर न करने वाले टीचरों को गिरफ्तार करने के आदेश एसडीएम ने जारी कर दिए हैं। जालंधर के एसडीएम ने पुलिस को लिखित रूप से कहा कि जो टीचर ड्यूटी नहीं करना चाहते या ट्रेनिंग के बाद से ड्यूटी पर नहीं आ रहे, उनको जबरन ड्यूटी पर लाने के लिए उनके स्कूलों में टीमों को संदेश देने के लिए भेजा जा रहा है।
वहीं, टीचरों को पकड़कर एसडीएम ऑफिस में लेकर आने के लिए पुलिस को लिखित निर्देश तक दे दिए गए हैं। स्कूली टीचरों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। महिला टीचरों के नाम और उनके फोन नंबर डालकर लिस्ट जारी की गई है। पुलिस को कहा गया है कि इन टीचरों को पकड़कर लेकर आओ। इस फरमान के बाद टीचरों में काफी गुस्सा है। टीचर कह रहे हैं कि वे अध्यापक हैं, कोई अपराधी नहीं, जो ऐसा व्यवहार किया जा रहा है।
गौरतलब है कि पंजाब में जनगणना 2027 दो चरणों में 30 अप्रैल से शुरू हो गई है। इस कार्य के लिए व्यापक प्रशासनिक व्यवस्था की गई है, जो सामाजिक-आर्थिक और जनसांख्यिकीय जानकारी का एक व्यापक स्रोत है। पहली बार जनगणना 2027 डिजिटल माध्यम से मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करके आयोजित की जा रही है। पहला चरण 30 अप्रैल 2026 से 14 मई 2026 तक चला, जिसमें स्व-गणना शामिल है। 15 मई से 13 जून 2026 तक घर-घर जाकर गणना की जाएगी।
जनसंख्या गणना का दूसरा चरण अगले वर्ष 9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक निर्धारित है। पहले चरण में आवास की स्थिति, सुविधाओं और संपत्तियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा और यह जनसंख्या गणना के दूसरे चरण का आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि डेटा एकत्र करने के लिए आने वाले व्यक्ति की पहचान करने के लिए, उसके पहचान पत्र पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन किया जा सकता है।
जनगणना 2027 भारत की 16वीं जनगणना होगी और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी। पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, जबकि 2021 की जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी। जनगणना 2027 के लिए एक राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (1855) पंजाब में 30.04.2026 से जनता की किसी भी पूछताछ में सहायता के लिए चालू हो जाएगा।
–आईएएनएस
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