विवाह एक साझा उत्तरदायित्व है। इसके लिए किसी एक पक्ष को पूर्ण रूप से दोषी ठहराना उचित नहीं होगा परंतु इस तथ्य पर विचार करना आवश्यक है कि बीते कुछ दशकों में संबंधों के बिखराव के क्या कारण हैं? यक्ष प्रश्न यह है कि सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि में ऐसे क्या बदलाव आए हैं कि संबंधों का निर्वहन चुनौती बन गया है?
