बेरूत, 16 मई (आईएएनएस)। इजरायल के दक्षिण लेबनान पर बढ़ते हमलों से आम जनजीवन पर नकारात्मक असर पड़ा है। बच्चों, औरतों समेत बड़ी संख्या में लोग हवाई हमलों का शिकार हुए हैं।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 2 मार्च से 16 मई तक इजरायली हमलों में 2,969 लोगों की मौत हुई है। इस दौरान 9,112 लोग घायल भी हुए हैं।
इजरायल की ओर से हमले जारी हैं। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मेडिकल संस्था (एमएसएफ) ने लेबनान में पैरामेडिक्स (मेडिकल वर्कर्स) पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। संस्था के मुताबिक, 12 मई को दक्षिणी लेबनान के नबातियेह शहर में सिविल डिफेंस कर्मियों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया।
एमएसएफ ने बताया कि तीनों पैरामेडिक्स एक घायल इंसान की मदद करने पहुंचे थे, जो पहले हुए हमले में बच गया था। इसी दौरान उन पर निशाना साधा गया।
एमएसएफ के लेबनान प्रमुख जेरेमी रिस्टोर्ड ने कहा, “जान बचाने का काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला पूरी तरह गलत है और इसे सामान्य नहीं माना जा सकता। लगातार हवाई हमले, ड्रोन हमले और गोलाबारी से अस्पताल, एम्बुलेंस और मेडिकल उपकरण भी प्रभावित हो रहे हैं।”
दक्षिणी लेबनान में संघर्षविराम के बावजूद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, टायर शहर के ऊपर सुबह से लड़ाकू विमान और ड्रोन उड़ते रहे, और आसपास के कई इलाकों में हवाई हमले और गोलाबारी जारी रही। मंसूरियेह, कलायला, अल-हन्नियेह और नबातियेह जैसे इलाकों में इमारतों को भी नुकसान पहुंचा।
लगातार हमलों और बढ़ते खतरे के कारण कई लोग अपने घर छोड़कर जा रहे हैं। सैदा इलाके से भी बड़ी संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं। जिन इलाकों को खाली करने का आदेश दिया गया है, उनमें ज्यादातर आम लोग रहते हैं। इनमें घर, दुकानें और कुछ अस्पताल भी शामिल हैं।
ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले के बाद हिज्बुल्लाह ने बदले में इजरायल पर हमले करने शुरू कर दिए थे। इसके जवाब में इजरायल ने 2 मार्च से कथित तौर पर हिज्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाना शुरू किया। इन हमलों में ही आम लोग भी मारे गए हैं।
–आईएएनएस
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