Wednesday, February 11, 2026

अमेरिका के साथ बातचीत ओमान में ही रहेगी : ईरान


तेहरान, 11 फरवरी (आईएएनएस)। ईरान के विदेश मंत्रालय ने उन खबरों को गलत बताया है, जिनमें कहा जा रहा था कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच होने वाली अप्रत्यक्ष बातचीत ओमान के अलावा किसी और जगह हो सकती है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि बातचीत का स्थान हमेशा से मस्कट यानी ओमान ही तय रहा है।

सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि ईरान क्षेत्रीय और पड़ोसी देशों की उन कूटनीतिक कोशिशों का स्वागत करता है, जो तनाव कम करने और बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कई देशों ने इस दिशा में मदद की पेशकश की है।

बाकेई के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची लगातार क्षेत्रीय देशों के विदेश मंत्रियों और उन अन्य देशों के संपर्क में रहे हैं, जो क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि ये बातचीत बहुत उच्च स्तर पर हुई है, जिनमें ईरान के राष्ट्रपति और विदेश मंत्री भी शामिल रहे। इन संपर्कों का मकसद तनाव घटाना और कूटनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।

हालांकि, बाकेई ने यह भी स्पष्ट किया कि ओमान के अलावा कहीं और बातचीत करने की कोई योजना कभी नहीं रही है।

इसी बीच, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी मंगलवार को मस्कट पहुंचे। वहां उन्होंने ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद बिन हमूद अलबुसैदी से मुलाकात की। ओमान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई और क्षेत्रीय सुरक्षा व स्थिरता के लिए संवाद और सहयोग की अहमियत पर जोर दिया गया।

उसी दिन, अली लारीजानी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक चेतावनी भी जारी की। यह चेतावनी इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वॉशिंगटन में होने वाली बैठक से पहले दी गई, जिसमें ईरान एक बड़ा मुद्दा रहने वाला है। लारीजानी ने कहा कि अमेरिका को यह नहीं होने देना चाहिए कि नेतन्याहू केवल दिखावे के जरिए परमाणु बातचीत की दिशा तय करें।

इजराइल का कहना है कि परमाणु मुद्दे पर ईरान पर भरोसा नहीं किया जा सकता और उसने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका-ईरान बातचीत उसके मुताबिक नहीं हुई, तो वह अकेले भी कदम उठा सकता है। वाशिंगटन रवाना होने से पहले नेतन्याहू ने कहा था कि ट्रंप के साथ उनकी मुलाकात में ईरान सबसे प्रमुख विषय होगा।

–आईएएनएस

एएस/


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