ईरान ने मिडिल ईस्ट युद्ध शुरू होने के बाद से 21 लोगों को फांसी दी और 4,000 गिरफ्तार: यूएन

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नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में हमले शुरू होने के बाद से ईरान ने कम से कम 21 लोगों को फांसी दी है और 4,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की तरफ से ईरान पर हमले किए जाने के बाद पश्चिम एशिया में भारी तनाव देखने को मिला।

यूएन राइट्स के ऑफिस ने कहा, “अमेरिका-इजरायली हमलों की वजह से लड़ाई शुरू होने के बाद से जनवरी 2026 के विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में कम से कम नौ लोगों को फांसी दी गई है। इसके अलावा दस को विपक्षी समूह में कथित तौर पर शामिल होने के लिए और दो को जासूसी के आरोप में फांसी दी गई है।”

एजेंसी ने एक बयान में कहा, “28 फरवरी से अब तक ईरान में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े आरोपों में 4,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।”

इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर ईरान को नई चेतावनी दी है। ट्रंप ने दावा किया, “ईरान अपने काम को ठीक से नहीं कर पा रहा है। जल्द ही होशियार हो जाओ। उन्हें नहीं पता कि नॉन-न्यूक्लियर डील पर साइन कैसे करना है।”

वहीं, होर्मुज संकट के बीच तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सहयोगियों को ईरानी बंदरगाहों की लंबी नाकाबंदी के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से मंगलवार देर रात रिपोर्ट दी कि ट्रंप ने ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाली शिपिंग को रोककर उसकी अर्थव्यवस्था और तेल एक्सपोर्ट को दबाना जारी रखने का फैसला किया है।

ईरान के यूएन दूत, आमिर सईद इरावानी ने यूएन महासचिव और सिक्योरिटी काउंसिल के अध्यक्ष को एक लेटर भेजा है, जिसमें उन्होंने अमेरिका के ईरानी जहाजों पर कब्जा करने का कड़ा विरोध किया है और इस काम को पाइरेसी बताया है।

ईरानी की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने लेटर में कहा, “घरेलू इंतजामों पर भरोसा करना, जो असल में गैर-कानूनी हैं, किसी भी हालत में ताकत के इस्तेमाल से किए गए ऐसे घिनौने जुर्म को सही नहीं ठहरा सकता।”

–आईएएनएस

केके/एबीएम

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