मुंबई, 27 मार्च (आईएएनएस)। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 (आईपीएल 2026) और पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल 2026) का आयोजन एक ही अवधि में होता है, लेकिन जब बात क्षमता, कमाई, लोकप्रियता और प्रभाव की आती है तो आईपीएल और पीएसएल में जमीन-आसमान का फर्क है। यही वजह है कि पीएसएल का अनुबंध होने के बावजूद खिलाड़ी आईपीएल को प्राथमिकता देते हैं।
इस बार भी कई खिलाड़ियों ने पीएसएल की जगह आईपीएल को प्राथमिकता दी है। जिम्बाब्वे के ब्लेसिंग मुजरबानी, श्रीलंका के दसुन शनाका, ऑस्ट्रेलिया के स्पेंसर जॉनसन और वेस्टइंडीज के गुडाकेश मोती वे खिलाड़ी हैं जिन्होंने पीएसएल 2026 का कॉन्ट्रैक्ट छोड़ा और आईपीएल में शामिल हो गए।
मुजरबानी, जिन्होंने जिम्बाब्वे के लिए 89 टी20 मैच खेले हैं, वेस्टइंडीज के स्टार गेंदबाज शमार जोसेफ की जगह 11 मिलियन पाकिस्तानी रुपये में पीएसएल की टीम इस्लामाबाद यूनाइटेड में शामिल हुए थे, लेकिन मुजरबानी ने इस्लामाबाद यूनाइटेड छोड़ दिया और आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) की टीम में शामिल हो गए। मुजरबानी ने केकेआर में मुस्तफिजुर रहमान की जगह ली, जिन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के निर्देशों के बाद टीम से रिलीज कर दिया गया था।
ठीक इसी तरह पीएसएल का हिस्सा श्रीलंका के टी20 कप्तान दसुन शनाका भी राजस्थान रॉयल्स में इंजर्ड सैम करन की जगह शामिल हुए। आईपीएल 2026 की नीलामी में अनसोल्ड रहे शनाका को पीएसएल की लाहौर कलंदर्स ने 75 लाख पाकिस्तानी रुपये में खरीदा था।
ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज स्पेंसर जॉनसन पीएसएल 2026 में क्वेटा ग्लैडिएटर्स का हिस्सा थे, लेकिन उन्होंने निजी कारणों की वजह से लीग से अपना नाम वापस ले लिया और चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) में इंजर्ड तेज गेंदबाज नाथन एलिस की जगह ली।
मुजरबानी, शनाका और स्पेंसर ने बता दिया कि आईपीएल के सामने पीएसएल किसी भी मामले में कहीं नहीं ठहरती।
पिछले सीजन में भी दक्षिण अफ्रीका के कॉर्बिन बॉश पीएसएल में पेशावर जालमी का साथ छोड़कर मुंबई इंडियंस के साथ करार किया था।
खिलाड़ियों का अनुबंध के बावजूद पीएसएल छोड़ना और आईपीएल को प्राथमिकता देना इस बात का सबूत है कि खेल के हर पहलू में पाकिस्तान सुपर लीग भारतीय लीग से पीछे है।
–आईएएनएस
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