इंफाल, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। मणिपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार के बाद राज्य सरकार ने शनिवार को इंफाल घाटी के पांच जिलों में मोबाइल इंटरनेट और डेटा सेवाओं (ब्रॉडबैंड सहित) पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है।
यह प्रतिबंध 7 अप्रैल को बिष्णुपुर जिला में हुए घातक बम हमले के कुछ घंटों बाद लगाया गया था। इस हमले में दो बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि उनकी मां घायल हो गई थी। हमले के पीछे संदिग्ध कुकी उग्रवादियों का हाथ बताया गया था।
इसके बाद हालात को काबू में रखने के लिए इंटरनेट सेवाओं पर रोक को कई चरणों में बढ़ाया गया। यह प्रतिबंध इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में लागू था।
गृह विभाग के संयुक्त सचिव मयेंगबाम वीटो सिंह द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया कि सरकार ने मौजूदा स्थिति की समीक्षा की, साथ ही इंटरनेट बंदी से आम जनता को हो रही परेशानियों को भी ध्यान में रखा।
अधिसूचना के अनुसार, इंटरनेट बंद रहने से हाई कोर्ट और जिला अदालतों, वर्क फ्रॉम होम करने वाले लोगों, चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्मों, वकीलों, स्वास्थ्य सेवाओं, पेट्रोल पंपों, बिजली और मोबाइल रिचार्ज सेवाओं, एलपीजी बुकिंग, शैक्षणिक संस्थानों और कर विभाग सहित कई जरूरी सेवाएं प्रभावित हो रही थीं।
सरकार ने कहा कि जनहित में तत्काल प्रभाव से इन पांच जिलों में मोबाइल इंटरनेट, डेटा सेवाएं और वीपीएन सेवाओं पर लगी अस्थायी रोक को हटा दिया गया है।
इस बीच, 7 अप्रैल के बम हमले के बाद इंफाल घाटी में बड़ी संख्या में लोग, खासतौर पर महिलाएं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य, लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
राज्य सरकार ने इस हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दी है।
पुलिस के अनुसार, सुरक्षा बल संवेदनशील इलाकों में लगातार तलाशी अभियान और एरिया डोमिनेशन ऑपरेशन चला रहे हैं। इंफाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग-37 पर जरूरी सामान ले जाने वाले 174 वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित की गई है।
सुरक्षा के मद्देनजर विभिन्न जिलों में 114 चेकपोस्ट बनाए गए हैं और कर्फ्यू उल्लंघन के आरोप में 38 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
–आईएएनएस
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