शांगरी-ला डायलॉग में भारत की सक्रिय भागीदारी, वैश्विक सुरक्षा पर हुई चर्चा


सिंगापुर, 29 मई (आईएएनएस)। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को सिंगापुर में हुए शांगरी-ला डायलॉग के दौरान नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (नाटो) की मिलिट्री कमेटी के चेयरमैन एडमिरल ज्यूसेपे कैवो ड्रैगन से मुलाकात की।

इस बैठक में रणनीतिक बातचीत को मजबूत करने और दुनिया के बदलते सुरक्षा हालात पर चर्चा हुई।

रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क निदेशालय ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने एसएलडी-26 के दौरान नाटो मिलिट्री कमेटी के चेयरमैन एडमिरल ज्यूसेपे कैवो ड्रैगन से बातचीत की। चर्चा का मुख्य फोकस रणनीतिक संवाद को मजबूत करना और बदलती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर विचार साझा करना था। इस बातचीत ने बड़े बहुपक्षीय रक्षा संगठनों के साथ रचनात्मक सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को फिर से मजबूत किया।”

सिंगापुर में आयोजित हो रहे शांगरी-ला डायलॉग में कई देशों के सरकारी मंत्री हिस्सा ले रहे हैं। यहां बड़े स्तर पर चर्चा सत्रों के साथ-साथ अलग-अलग देशों के प्रतिनिधियों के बीच द्विपक्षीय बैठकें भी हो रही हैं। इस मंच पर एशिया-प्रशांत, उत्तरी अमेरिका, यूरोप, मिडिल ईस्ट और अन्य क्षेत्रों के नीति-निर्माता क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों और उनसे निपटने की रणनीतियों पर चर्चा करते हैं।

इससे पहले शुक्रवार को राजेश कुमार सिंह ने अमेरिका के इंडो-पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे पैपारो से भी मुलाकात की। इस दौरान सैन्य सहयोग बढ़ाने, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी मजबूत करने और नई सुरक्षा चुनौतियों से निपटने पर चर्चा हुई।

रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क निदेशालय ने ‘एक्‍स’ पर कहा, “रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सिंगापुर में शांगरी-ला डायलॉग 2026 के दौरान यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे पैपारो से मुलाकात की। बातचीत में सैन्य सहयोग मजबूत करने, इंडो-पैसिफिक में साझेदारी बढ़ाने और उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने पर चर्चा हुई। इससे भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक रक्षा संबंधों को और मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई।”

शांगरी-ला डायलॉग के दौरान राजेश कुमार सिंह ने कई प्रमुख थिंक टैंक और अकादमिक विशेषज्ञों से भी बातचीत की। चर्चा का फोकस इंडो-पैसिफिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने, रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाने और नई तकनीकों में साझेदारी पर रहा।

रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क निदेशालय ने ‘एक्‍स’ पर लिखा, “उन्होंने ‘स्थिर, सुरक्षित और समावेशी इंडो-पैसिफिक के लिए भारत की रक्षा कूटनीति’ विषय पर एक खास कार्यक्रम में भारत के क्षेत्रीय सुरक्षा दृष्टिकोण और रणनीतिक सोच को साझा किया। सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।”

गुरुवार को राजेश कुमार सिंह ने सिंगापुर सशस्त्र बलों की डिजिटल एंड इंटेलिजेंस सर्विस के डिजिटल ऑपरेशंस टेक्नोलॉजी सेंटर (डीओटीसी) का भी दौरा किया। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस दौरे से सिंगापुर की उन्नत डिजिटल और तकनीकी क्षमताओं को समझने का मौका मिला और आधुनिक युद्ध से जुड़े नए क्षेत्रों में भारतीय सशस्त्र बलों के साथ सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

सिंह ने सिंगापुर के रक्षा स्थायी सचिव जोसेफ लेओंग के साथ 16वीं डिफेंस पॉलिसी डायलॉग की सह-अध्यक्षता भी की। इस बैठक में रक्षा सहयोग और सुरक्षा साझेदारी को और मजबूत करने पर बातचीत हुई।

रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क निदेशालय ने ‘एक्‍स’ पर कहा, “रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सिंगापुर के रक्षा स्थायी सचिव जोसेफ लियोंग के साथ 16वीं डिफेंस पॉलिसी डायलॉग की सह-अध्यक्षता की। इस बातचीत ने भारत और सिंगापुर के मजबूत रक्षा संबंधों को फिर से मजबूती दी। बैठक में रक्षा सहयोग, सुरक्षा साझेदारी और रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत करने के कई पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।”

–आईएएनएस

एवाई/डीकेपी


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