नई दिल्ली, 8 जुलाई (आईएएनएस)। भारत और इंग्लैंड की महिला टीमों के बीच 10 जुलाई से इकलौते टेस्ट मैच की शुरुआत होगी। दोनों टीमें साल 1986 से अब तक कुल 15 टेस्ट खेली हैं, जिसमें भारत का पलड़ा भारी रहा है।
भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ 3 टेस्ट मैच अपने नाम किए हैं, जबकि इंग्लैंड की टीम सिर्फ 1 ही मैच जीत सकी है। शेष 11 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं।
दोनों देशों की महिला टीमों के बीच पहली बार साल 1986 में तीन मुकाबलों की टेस्ट सीरीज खेली गई, जो 0-0 से ड्रॉ रही। इसके बाद साल 1995 में इंग्लैंड ने 3 मुकाबलों की सीरीज 1-0 से अपने नाम की।
दोनों टीमों ने जुलाई 1999 और जनवरी 2002 में 1-1 टेस्ट मैच खेले, जो ड्रॉ रहे। साल 2002 में दो मुकाबलों की सीरीज भी 0-0 से ड्रॉ रही। नवंबर 2005 में इकलौता टेस्ट ड्रॉ रहा।
भारत ने साल 2006 में इंग्लैंड की महिला टीम के विरुद्ध 2 मुकाबलों की टेस्ट सीरीज 1-0 से अपने नाम की थी। इसके बाद साल 2014 में खेला गया इकलौता टेस्ट अपने नाम किया। साल 2021 में दोनों देशों के बीच टेस्ट ड्रॉ रहा, जबकि दिसंबर 2023 में भारत ने मैच अपने नाम किया।
दोनों देशों के बीच टेस्ट इतिहास के शीर्ष 3 सर्वोच्च स्कोर भारतीय टीम के ही नाम पर हैं। अगस्त 2002 में भारत ने दूसरी पारी में 467 रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया था। दिसंबर 2023 में भारत ने पहली पारी में 428 रन बनाकर मैच अपने नाम किया था। जुलाई 1986 में भारतीय टीम ने 426/9 के स्कोर पर अपनी पहली पारी घोषित की थी।
मिताली राज भारत-इंग्लैंड की महिला टीमों के बीच टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 7 मुकाबलों की 12 पारियों में 51.10 की औसत के साथ 511 रन बनाए। इस दौरान मिताली के बल्ले से 1 शतक और 3 अर्धशतक निकले। मिताली इस मामले में 500 रनों का आंकड़ा छूने वाली इकलौती बल्लेबाज हैं।
–आईएएनएस
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