Wednesday, January 14, 2026

भारतीय शेयर बाजार बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच लाल निशान में बंद, सेंसेक्स 245 अंक फिसला


मुंबई, 14 जनवरी (आईएएनएस)। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ। दिन के कारोबारी सत्र में घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों में उतार-चढ़ाव के साथ ही आईटी और रियल्टी शेयरों में कमजोरी के चलते बाजार पर दबाव बना रहा।

कारोबार के अंत में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 244.98 अंक यानी 0.29 प्रतिशत गिरकर 83,382.71 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 66.70 (0.26 प्रतिशत) अंक फिसलकर 25,665.60 पर बंद हुआ।

हालांकि, व्यापक बाजार में मजबूती देखने को मिली। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.67 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.29 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।

सेक्टरवार बात करें तो निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1.08 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 0.92 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके उलट, निफ्टी मेटल इंडेक्स 2.70 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 2.13 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स पैक में टाटा स्टील, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल और बीईएल टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे। दूसरी ओर एशियन पेंट्स, टीसीएस, मारुति सुजुकी, सन फार्मा, हिंदुस्तान यूनिलीवर और कोटक बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।

एनएसई पर भी टाटा स्टील, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, हिंडाल्को, ओएनजीसी और अल्ट्राटेक सीमेंट टॉप गेनर्स में शामिल रहे, जबकि एशियन पेंट्स, टीसीएस, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, मारुति सुजुकी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और कोटक बैंक टॉप लूजर्स रहे।

इस बीच, महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के चलते गुरुवार 15 जनवरी को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में कारोबार बंद रहेंगे।

मार्केट एक्सपर्ट्स ने कहा कि आज भारतीय शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। वैश्विक आर्थिक हालात और भू-राजनीतिक तनावों के चलते निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा। अमेरिका की ट्रेड और टैरिफ नीतियों को लेकर अनिश्चितता, ईरान में बढ़ती नागरिक अशांति और वहां अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की आशंका, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ सकता है, ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया। इन हालातों में बाजार की चाल ज्यादातर वैश्विक संकेतों पर निर्भर रही और निवेशक आक्रामक खरीदारी से बचते हुए चुनिंदा शेयरों में ही सीमित निवेश करते नजर आए।

निफ्टी को लेकर एक्सपर्ट ने कहा कि 25,900 लेवल के आसपास बार-बार रुकावट मिलने से तेजी पर ब्रेक लगा हुआ है और फिलहाल 25,800 एक अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है। नीचे की ओर अगर निफ्टी 25,600 के नीचे मजबूती से टूटता है, तो गिरावट 25,500 से 25,450 तक बढ़ सकती है।

एक्सपर्ट ने आगे कहा कि मोमेंटम इंडिकेटर्स भी कमजोरी दिखा रहे हैं। आरएसआई करीब 40 के पास है, जो मंदी का संकेत देता है, जबकि एमएसीडी नेगेटिव जोन में बना हुआ है। इंट्राडे चार्ट से साफ है कि तेजी पर बिकवाली हावी है, हालांकि निचले स्तरों पर चुनिंदा खरीदारी जरूर देखने को मिल रही है।

–आईएएनएस

डीबीपी/एबीएम


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