Tuesday, February 24, 2026

सिंगापुर में धोखाधड़ी के आरोप में भारतीय मूल के व्यक्ति को 7 साल से ज्‍यादा की सजा


सिंगापुर, 22 जनवरी (आईएएनएस)। 53 वर्षीय भारतीय मूल के व्यक्ति पर सिंगापुर में अपने पारिवारिक मित्रों और परिचितों सहित 20 लोगों से 2.5 मिलियन एसजी डॉलर (1.8 मिलियन डॉलर) की धोखाधड़ी करने का आरोप है। जिसके चलते आरोपी को सात साल और चार महीने की जेल की सजा सुनाई गई है।

द स्ट्रेट्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मुरली कृष्णन नायडू को पहले नौ लोगों से जुड़े धोखाधड़ी के 17 मामलों में दोषी ठहराया गया था। शेष पीड़ितों सहित अन्य 43 आरोपों पर सजा के दौरान विचार किया गया था।

2008 और 2013 के बीच एक निवेश घोटाले में, नायडू ने पीड़ितों से कहा कि उनका पैसा उनकी पत्नी द्वारा स्थापित धन उधार देने के व्यवसाय में निवेश किया जाएगा।

अदालती दस्तावेजों के अनुसार, अधिकांश पीड़ितों ने “निवेश” के लिए अपनी सेवानिवृत्ति बचत से पैसा निकाला था।

अभियोजन पक्ष ने कहा कि अगस्त 2006 में नायडू की पत्नी सैन टी क्रेडिट (एसटीसी) नामक एक लाइसेंस प्राप्त धन उधार देने वाली कंपनी की एकमात्र मालिक थी, जहां वह प्रबंधक थे।

पहले एक धन उधार देने वाली कंपनी के साथ काम करने के बाद नायडू को पता था कि ऐसी कंपनियों के लिए निवेश समझौतों के माध्यम से निवेशकों से नकद उधार लेना आम बात है।

नायडू की पीड़ितों में से एक 69 वर्षीय महिला ने एसटीसी के साथ 3,35,000 एसजी डॉलर के कुल छह निवेश समझौते किए थे, जिसमें उसने अपनी जीवन भर की बचत से निवेश को वित्तपोषित किया था।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, नायडू ने पीड़ितों को यह कहकर गलत प्रतिनिधित्व दिया कि उनका पैसा एसटीसी के धन उधार व्यवसाय में निवेश किया जाएगा। पीड़ितों को 2.5 प्रतिशत से 3 प्रतिशत के बीच रिटर्न का वादा किया गया था, जिसका मासिक भुगतान किया जाएगा, साथ ही निवेश समझौते की तारीख से एक वर्ष के लिए उनकी निवेश पूंजी का पुनर्भुगतान किया जाएगा।

अदालत को बताया गया कि इसके बाद नायडू ने पीड़ितों को अपना पैसा सौंपने के लिए प्रेरित किया, लेकिन 2013 की शुरुआत में उन्हें लाभांश देना पूरी तरह से बंद कर दिया और आज तक, यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने पीड़ितों के पैसे का उपयोग कैसे किया।

साहूकारों की रजिस्ट्री द्वारा स्क्रीनिंग से पता चला कि एसटीसी ने 2011 और 2013 के बीच कोई भी साहूकारी लेनदेन संपन्न नहीं किया था।

एसटीसी द्वारा की गई किसी भी व्यावसायिक गतिविधि की अनुपस्थिति के बावजूद आरोपी ने साहूकारों की रजिस्ट्री के साथ एसटीसी के साहूकारी लाइसेंस को नवीनीकृत करने के लिए अपेक्षित शुल्क का भुगतान करना जारी रखा।

अदालत के दस्तावेजों में यह नहीं बताया गया कि 2013 के बाद एसटीसी का क्या हुआ और न ही उन्होंने यह खुलासा किया कि अपराध कैसे सामने आए, जिसके कारण 2019 में अदालत में नायडू पर आरोप लगाए गए। अदालत के दस्तावेजों में यह भी खुलासा नहीं हुआ कि अपराध कैसे सामने आए।

अभियोजकों ने अदालत से उसे कम से कम सात साल और 10 महीने की जेल की सजा देने का आग्रह किया था। सिंगापुर में धोखाधड़ी के प्रत्येक मामले के लिए अपराधी को 10 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।

–आईएएनएस

एमकेएस/एबीएम


Related Articles

Latest News