नई दिल्ली, 27 जून (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना के ऑपरेशनल डिप्लॉयमेंट के तहत, ईस्टर्न फ्लीट के भारतीय नौसेना जहाज ‘उदयगिरी’, ‘कवरत्ती’ और ‘शक्ति’ थाईलैंड के सत्ताहिप पहुंचे।
ईस्टर्न फ्लीट के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग, रियर एडमिरल आलोक आनंद की अगुवाई में पहुंचे इन जहाजों का स्वागत रॉयल थाई नेवी ने किया। यह पोर्ट कॉल दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ भारत के लगातार समुद्री जुड़ाव का हिस्सा है और भारत और थाईलैंड के बीच करीबी और लंबे समय से चली आ रही समुद्री साझेदारी को दर्शाता है।
इस यात्रा में प्रोफेशनल एक्सचेंज, क्रॉस-डेक विजिट, ऑपरेशनल बातचीत, खेल-कूद और कम्युनिटी आउटरीच जैसी गतिविधियां शामिल होंगी, जिनका मकसद नौसेनाओं के बीच सहयोग और इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूत करना है।
इस पोर्ट कॉल का मकसद भारत और थाईलैंड के बीच आपसी भाईचारे, सहयोग और द्विपक्षीय समुद्री संबंधों को और मजबूत करना है। साथ ही, यह भारतीय नौसेना के जहाजों के स्वदेशी डिजाइन, मॉड्यूलर निर्माण और अत्याधुनिक तकनीक को भी प्रदर्शित करता है, जिससे रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक भरोसेमंद साझेदार के तौर पर भारत की बढ़ती साख उजागर होती है।
इसके पहले भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस कवरत्ती ने वियतनाम की अपनी तीन दिवसीय यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की थी। 22 से 24 जून 2026 तक भारतीय युद्धपोत वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी में मौजूद रहे।
इस महत्वपूर्ण पोर्ट कॉल ने भारत और वियतनाम के बीच समुद्री सहयोग, रणनीतिक साझेदारी तथा रक्षा संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाई। पोर्ट कॉल के दौरान भारतीय नौसेना और वियतनाम पीपुल्स नेवी के जवानों ने विभिन्न पेशेवर गतिविधियों, सामरिक चर्चाओं और द्विपक्षीय अभ्यासों में भाग लिया।
इन गतिविधियों के माध्यम से दोनों नौसेनाओं को अपने ऑपरेशनल अनुभव शेयर करने का अवसर मिला। दोनों देशों के नौसैनिकों ने एक-दूसरे की कार्यप्रणालियों को समझने का प्रयास किया। इसके साथ ही समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने का प्रयास किया गया।
पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल आलोक आनंद के नेतृत्व में भारतीय नौसैनिक दल का वियतनाम पहुंचा था। वियतनाम पहुंचने पर भारतीय दल का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यात्रा के दौरान भारतीय और वियतनाम की नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच कई महत्वपूर्ण बैठकें हुई। इस दौरान दोनों नौसेनाओं के बीच पेशेवर संवाद आयोजित किए गए। इनमें समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता, नौसैनिक सहयोग तथा साझा रणनीतिक हितों पर व्यापक चर्चा हुई।
–आईएएनएस
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