भारतीय कंपनियों की अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात में होगी 50 प्रतिशत हिस्सेदारी, Crisil ने बताया कैसे हासिल होगा लक्ष्‍य

क्रिसिल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अंतरराष्ट्रीय यातायात में उनकी बढ़ती हिस्सेदारी के चलते भारतीय एयरलाइन कंपनियों की व्यावसायिक स्थिति मजबूत होगी जो घरेलू क्षेत्र की तुलना में अधिक लाभदायक है। क्रिसिल के अनुसार भारत का अंतरराष्ट्रीय यात्री यातायात वित्त वर्ष 2023-24 में करीब सात करोड़ तक बढ़ गया। यह वैश्विक महामारी से पहले के स्तर को पार कर गया है।

Related Articles

Latest News