Sunday, February 15, 2026

घरेलू निवेशकों में बढ़ोतरी भारत के सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में एक: सेबी चेयरमैन


नई दिल्ली, 22 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने गुरुवार को कहा कि घरेलू निवेशकों में बढ़ोतरी भारत के सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में एक है। साथ ही बताया कि दुनिया में व्यापारिक और भू-राजनीतिक अस्थिरता के बाद भी देश में व्यापक स्तर पर आर्थिक स्थिरता बनी हुई है।

उन्होंने आगे कहा कि कंपनियां बड़ी मात्रा में पूंजी जुटाने में सफल हो रही हैं। 2025 में देश आईपीओ की संख्या के मामले में दुनिया में पहले स्थान और पूंजी जुटाने में तीसरे स्थान पर था।

सेबी चेयरमैन के मुताबिक, महंगाई में कमी, मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और स्थिर एक्सटर्नल अकाउंट्स भारत को दुनिया की सबसे मजबूत बनाते है और देश की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ रही है।

जापान के ओसाका में हुई भारतीय उद्योग परिसंघ (सीसीआई) की बैठक में निवेशकों को संबोधित करते हुए पांडे ने कहा कि भारत का डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर नए वैश्विक मानक निर्धारित कर रहा है और जीएसटी 2.0, नए लेबर कोड और आयकर में कटौती जैसे सुधार देश में खपत और निवेश चक्र को पुनर्जीवित कर रहे हैं।

पांडे ने घरेलू निवेशकों में बढ़ोतरी को भारत के सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में से एक बताया।

बाजार पूंजीकरण हिस्सेदारी के हिसाब से भारत मौजूदा समय में विश्व का पांचवां सबसे बड़ा इक्विटी बाजार है। अमेरिका 48.2 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ वैश्विक स्तर पर पहले स्थान पर है, जिसके बाद चीन, जापान और हांगकांग का स्थान आता है।

म्यूचुअल फंडों की बाजार में गहरी पैठ है और इनमें मासिक इक्विटी निवेश बढ़ रहा है, वहीं एआईएफ उद्योग निजी पूंजी निर्माण का एक प्रमुख चालक बनकर उभरा है।

उन्होंने आगे बताया कि ऋण बाजार लगातार विस्तार कर रहे हैं, निजी इक्विटी और एआईएफ निवेश बढ़ रहे हैं, और आरईआईटी और इनविट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट में दीर्घकालिक पूंजी आकर्षित कर रहे हैं। नगरपालिका बॉन्ड बाजार भी गति पकड़ रहा है।

पांडे ने आगे कहा कि निवेशकों को शिक्षित करना सेबी के एजेंडे का मुख्य केंद्र बना हुआ है, और डिजिटल धोखाधड़ी से निपटने और जिम्मेदार निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रयास तेज किए जा रहे हैं। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के लिए, सेबी ने नियामक सुधारों, आसान पंजीकरण और बेहतर निपटान तंत्र के माध्यम से बाजार तक पहुंच को सरल बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है, साथ ही वैश्विक निवेशकों के साथ निरंतर जुड़ाव बनाए रखा है।

–आईएएनएस

एबीएस/


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