गोरखपुर में आधुनिक सुरक्षा भवनों का लोकार्पण, सुशासन पर सीएम का फोकस

  • मुख्यमंत्री ने जनपद गोरखपुर में श्री गोरखनाथ मन्दिर क्षेत्र की सुरक्षा हेतु निर्मित 02 आधुनिक सुरक्षा भवनों का उद्घाटन किया
  • सुरक्षा सुशासन की पहली शर्त, प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार के स्तर पर अनेक प्रयास किए जा रहे : मुख्यमंत्री
  • श्री गोरखनाथ मन्दिर के समीप स्थित यह सुरक्षा भवन मॉडल बनें, यही मॉडल सुशासन और विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने में सहायक होगा
  • इस भवन में लगभग 100 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी एक साथ ठहर सकते
  • प्रदेश सरकार ने विगत 09 वर्षों में 02 लाख 19 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती सम्पन्न की
  • प्रदेश में पुलिस अवस्थापना सुविधाओं के विकास से वर्तमान में 60 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की एक साथ ट्रेनिंग करायी जा रही, यह समय पर लिये गए निर्णय और प्रदान की गई सुविधाओं का परिणाम
  • प्रदेश सरकार द्वारा वर्तमान में प्रत्येक पुलिस लाइन में 200 पुलिस कार्मिकों के लिए आवासीय सुविधा प्रदान की गयी, महिला और पुरुष पुलिस कार्मिकों के लिए अलग-अलग बैरकों का निर्माण किया गया
  • आज विकास के परिणाम बड़े पैमाने पर दिखायी दे रहे, 55 जनपदों में स्थित सबसे बड़ी बिल्डिंग तथा सबसे ऊंचा टावर पुलिस बैरक
  • पुलिस के कर्मचारी उन टावरों में अच्छी सुविधा से युक्त वातावरण में रहकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी पूर्वक कर रहे
  • अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ ही कार्मिकों के कार्य की गति भी बढ़ी
  • कार्मिकों को समय पर भर्ती व ट्रेनिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के परिणामस्वरूप प्रदेश में सुरक्षा का बेहतर वातावरण स्थापित, जिससे प्रदेश में सुशासन का मॉडल प्रस्तुत हुआ

केसरिया न्यूज़, लखनऊ, 16 अप्रैल, 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि सुरक्षा सुशासन की पहली शर्त है। प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार के स्तर पर अनेक प्रयास किए जाते हैं। पुलिस के आरक्षी, सब-इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर तथा डिप्टी एस0पी0 आदि कार्मिक हम सभी के बीच से निकला कॉमन मैन है। जब यह लोग भर्ती व ट्रेनिंग की प्रक्रिया से जुड़ने के पश्चात पुलिस विभाग के विभिन्न प्रकल्पों में कार्य करना प्रारम्भ करें, तो उनके लिये उच्च कोटि की अवस्थापना सुविधाएं अत्यन्त आवश्यक होती हैं।

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9.18 करोड़ रुपये से अधिक लागत से निर्मित अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक, कार्यालय, कन्ट्रोल रुम, पुलिस स्टोर रुम तथा मेन्टेनेंस वर्कशॉप के लिये निर्मित 02 आधुनिक सुरक्षा भवनों का उद्घाटन करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने सुरक्षा भवनों में उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन भी किया।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यहां श्री गोरखनाथ मन्दिर के समीप स्थित यह सुरक्षा भवन एक मॉडल बन रहा है। पहले सुरक्षाकर्मियों को ठहरने के लिये परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब पुलिस, सामान्य अतिथियों व नागरिकों के ठहरने के लिये अलग-अलग सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे सबकी जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है। यही मॉडल सुशासन और विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने में सहायक होगा। इस भवन में लगभग 100 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी एक साथ ठहर सकते हैं। इस भवन में श्री गोरखनाथ मन्दिर क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक सुरक्षा का कार्यालय होगा। इसके साथ ही, डिप्टी एस0पी0, इंस्पेक्टर्स, सब इंस्पेक्टर्स, एन0एस0जी0 आदि के लिए बेहतरीन आवासीय सुविधा, मेस, ऑफिस तथा मीटिंग हॉल आदि उपलब्ध होगा।

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मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विगत 09 वर्षों में 02 लाख 19 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती सम्पन्न की है। वर्ष 2017 से पूर्व युवा पुलिस भर्ती में सम्मिलित नहीं होना चाहते थे। विभाग में आधे से अधिक पद खाली थे। पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता एक समय में 03 हजार से अधिक नहीं थी। प्रदेश में पुलिस अवस्थापना सुविधाओं के विकास से वर्तमान में 60 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की एक साथ ट्रेनिंग करायी जा रही है। यह समय पर लिये गए निर्णय और प्रदान की गई सुविधाओं का परिणाम है।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले थाना, चौकी, पुलिस लाइन, पी0ए0सी0 वाहिनियों आदि में पुलिस कार्मिकों तथा अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधा नहीं थी। परिणामस्वरूप उन्हें किराये पर रहकर अपना जीवन जैसे-तैसे व्यतीत करना पड़ता था। प्रदेश सरकार द्वारा वर्तमान में प्रत्येक पुलिस लाइन में 200 पुलिस कार्मिकों के लिए आवासीय सुविधा प्रदान की गयी है। महिला और पुरुष पुलिस कार्मिकों के लिए अलग-अलग बैरकों का निर्माण किया गया है। प्रत्येक थाने में महिला व पुरुष कार्मिकों के लिए अलग-अलग बैरकों का निर्माण किया गया है। आज विकास के परिणाम बड़े पैमाने पर दिखायी दे रहे हैं। 55 जनपदों में स्थित सबसे बड़ी बिल्डिंग तथा सबसे ऊंचा टावर पुलिस बैरक है। पुलिस के कर्मचारी उन टावरों में अच्छी सुविधा से युक्त वातावरण में रहते हैं। अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी पूर्वक करते हैं।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गोरखनाथ थाने का भव्य भवन सभी के लिये मॉडल है। आधुनिक थाने इसी प्रकार बनेंगे। अग्निशमन केन्द्र का तेजी से विकास हुआ है। अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ ही कार्मिकों के कार्य की गति भी बढ़ी है। कार्मिकों को समय पर भर्ती व ट्रेनिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के परिणामस्वरूप प्रदेश में सुरक्षा का बेहतर वातावरण स्थापित हुआ है। सुरक्षा के बेहतर वातावरण ने प्रदेश में सुशासन का मॉडल प्रस्तुत किया है।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले थाना तो बन जाता था, लेकिन बैरक नहीं बनते थे। अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं होती थी। परिणामस्वरूप जब पुलिस किसी अपराधी को पकड़कर लाती थी, तो ठहरने की व्यवस्था न होने के कारण अपराधी को छोड़ना पड़ता था। पुलिस असहाय सी नजर आती थी। अब अपराधी भाग नहीं सकता, क्योंकि थाने में ही उसे रखने की सुविधाएं प्रदान की गयी है। कोई भी व्यक्ति थाने पर हमला नहीं कर सकता, क्योंकि थाने में ही पुलिस कार्मिकों के लिये बेहतरीन सुविधायुक्त बैरक बनाये गये हैं। प्रत्येक थाने में हर समय पर्याप्त संख्या में पुलिस कार्मिक उपलब्ध रहते हैं।
कार्यक्रम को गोरखपुर के महापौर डॉ0 मंगलेश श्रीवास्तव ने भी सम्बोधित किया।


इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य डॉ0 धर्मेंद्र सिंह, विधायक श्री महेन्द्र पाल सिंह, श्री विपिन सिंह, श्री प्रदीप शुक्ला, इंजी0 सरवन निषाद, सलाहकार मुख्यमंत्री श्री अवनीश कुमार अवस्थी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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