Tuesday, January 13, 2026

अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ा तनाव तो होगा विनाशकारी परिणाम: कतर


नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। कतर ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव बढ़ने से इस क्षेत्र को गंभीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं। यह बात वाशिंगटन द्वारा इस्लामिक रिपब्लिक में विरोध प्रदर्शनों पर सरकारी कार्रवाई के जवाब में हमले की धमकी देने के बाद कही गई।

मंगलवार को दोहा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने कहा, “हम जानते हैं कि कोई भी तनाव बढ़ने से… क्षेत्र और उसके बाहर विनाशकारी नतीजे होंगे, और इसलिए हम इससे जितना हो सके बचना चाहते हैं।”

प्रवक्ता अंसारी ने कहा, “हम अभी भी ऐसी स्थिति में हैं जहां हमारा मानना ​​है कि इससे कूटनीतिक समाधान निकल सकता है।”

उन्होंने आगे कहा, “हम सभी पक्षों से बात करने में शामिल हैं, जाहिर है कि अपने पड़ोसियों और क्षेत्र में अपने भागीदारों के साथ मिलकर एक कूटनीतिक समाधान खोजने की कोशिश कर रहे हैं।”

जून में, ईरानी न्यूक्लियर ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने कतर स्थित अमेरिकी अल उदीद मिलिट्री बेस को निशाना बनाया था।

दोहा अपने देश में हुए इस अप्रत्याशित हमले के बाद मध्यस्थ की भूमिका में आया। वो वाशिंगटन और तेहरान के बीच जल्दी से समझौता कराने में कामयाब रहा था।

बता दें, कि ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शन के बीच व्हाइट हाउस ने सोमवार को दोहराया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रदर्शनकारियों पर हो रही कार्रवाई को रोकने के लिए ईरान पर हवाई हमले करने पर विचार कर रहे हैं।

हस्तक्षेप करने की ट्रंप की बार-बार की धमकियों के जवाब में, ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबाफ ने कहा कि ईरान पलटवार करेगा, और सरकारी टीवी पर प्रसारित टिप्पणियों में अमेरिकी सेना और जहाजों को “वैध लक्ष्य” बताया।

नॉर्वे स्थित एनजीओ ईरान ह्यूमन राइट्स (आईएचआर) ने कहा कि उसने पुष्टि की है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान 648 लोग मारे गए। वहीं रॉयटर्स ने ईरानी अधिकारी के हवाले से ये संख्या 2 हजार से ज्यादा बताई है।

इस बीच, वाशिंगटन ने यह भी कहा कि कूटनीति का रास्ता अभी भी खुला है, और ईरान ने ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ निजी बातचीत में “काफी अलग रुख” अपनाया है।

–आईएएनएस

केआर/


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