Saturday, February 14, 2026

आईसीसी ने पाकिस्तान क्रिकट बोर्ड से 'बैक-चैनल बातचीत' शुरू की: रिपोर्ट


नई दिल्ली, 3 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 15 फरवरी को खेले जाने वाले मुकाबले का बहिष्कार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान के इस फैसले के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के बीच संभावित वित्तीय नुकसान को लेकर चिंताओं के बीच ‘बैक-चैनल बातचीत’ शुरू हो गई है।

पाकिस्तान ग्रुप ए में भारत, नामीबिया, नीदरलैंड और यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका (यूएसए) के साथ है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 भारत और श्रीलंका की सह-मेजबानी में खेला जाना है, लेकिन पाकिस्तान अपने सभी मैच श्रीलंका में खेलेगा।

रविवार को पाकिस्तानी सरकार ने घोषणा की थी कि उसकी नेशनल क्रिकेट टीम 15 फरवरी को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में भारत के विरुद्ध टी20 वर्ल्ड कप ग्रुप-स्टेज मैच नहीं खेलेगी। रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले के चलते विश्व क्रिकेट को 250 मिलियन डॉलर से ज्यादा का नुकसान हो सकता है।

आईसीसी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से समझौता करना चाहता है। ‘द डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ अन्य क्रिकेट बोर्ड ने इसके लिए आईसीसी को सपोर्ट दिया है।

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस कदम के लिए पाकिस्तान पर बैन लगाया जाएगा या नहीं, लेकिन आईसीसी ने स्पष्ट तौर पर पीसीबी से कहा है कि अगर भारत के खिलाफ मुकाबले का बॉयकॉट होता है, तो इसके व्यापक और दूरगामी परिणामों पर विचार करें।

पाकिस्तानी सरकार की घोषणा के बाद आईसीसी ने रविवार को बयान जारी करते हुए पीसीबी से आपसी सहमति के साथ समाधान खोजने का आग्रह करते हुए चेतावनी दी थी कि चुनिंदा भागीदारी ग्लोबल कॉम्पिटिशन के सिद्धांतों को कमजोर करती है।

आईसीसी ने अपने बयान में कहा था कि आईसीसी, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) से आधिकारिक बातचीत का इंतजार कर रहा है। चुनिंदा भागीदारी की यह स्थिति एक ग्लोबल स्पोर्ट्स इवेंट के मूल सिद्धांत के साथ मेल नहीं खाती है, जहां सभी टीमों से इवेंट शेड्यूल के अनुसार समान शर्तों पर कॉम्पिटिशन करने की उम्मीद की जाती है।

आईसीसी ने उम्मीद जताई है कि पीसीबी अपने देश में क्रिकेट के लिए बड़े और लंबे समय तक चलने वाले नतीजों पर विचार करेगा, क्योंकि इससे ग्लोबल क्रिकेट इकोसिस्टम पर असर पड़ने की संभावना है, जिसका वह खुद एक सदस्य और लाभार्थी है।

–आईएएनएस

आरएसएसजी


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